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नोटबंदी: बैंक खातों से बेनामी लेन-देन पर हो सकती है 7 साल की जेल

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 November 2016, 11:37 IST
(एजेंसी)

नोटबंदी के बाद बैंक अकाउंट में नकदी जमा और निकासी पर पैनी निगाह रख रहे इनकम टैक्स विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि अगर किसी अकाउंट से दूसरे के काले धन को सफेद करने की कोशिश हुई, तो विभाग संबंधित खाता धारक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा.

आयकर विभाग ने ऐसे मामलों में बेनामी लेन-देन कानून को लागू करने का फैसला किया है. इसके तहत दोषी पाए जाने पर खाता धारक को भारी जुर्माने और सात साल तक की जेल भी हो सकती है.

इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि विभाग के द्वारा कालेधन के संदिग्ध इस्तेमाल को लेकर की गई 30 जगहों पर छापेमारी और 80 से अधिक सर्वे में 200 करोड़ रुपये के कालेधन का पता चला है. आठ नवंबर के बाद से इन ऑपरेशन के दौरान करीब 50 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं.

इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी देशभर में ऐसे संदिग्ध बैंक अकाउंट की पहचान कर रहे हैं. जिन अकाउंट में आठ नवंबर के बाद 500 और 1000 रुपये के नोटों की बड़ी रकम जमा की गई है.

इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि जांच में मामला सही पाए जाने पर ऐसे खाता धारकों के खिलाफ बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून, 1988 के तहत मुकदमा चलेगा.

इस कानून को इसी साल एक नवंबर को प्रभावी बनाया गया था. यह कानून इनकम टैक्स विभाग को जमा राशि को जब्त करने और जमाकर्ता के साथ-साथ वास्तविक में जिसका पैसा है, उसके खिलाफ मुकदमा चलाने का अधिकार देता है.

बताया जा रहा है कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग से बैंक अकाउंट के द्वारा ऐसे लेन-देन पर करीबी नजर रखने का निर्देश जारी किया है.

First published: 21 November 2016, 11:37 IST
 
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