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नोटबंदी: ज़्यादा पैसा जमा कराने पर लगेगा 50 फ़ीसदी टैक्स, 4 साल तक होगी पाबंदी

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 February 2017, 8:19 IST
(एजेंसी)

मोदी सरकार संसद के वर्तमान सत्र में टैक्स कानून में संशोधन लाने की योजना बना रही है. इसके तहत नोटबंदी के बाद तीस दिसंबर तक घोषित बेहिसाब जमा बैंक राशि पर न्यूनतम 50 प्रतिशत कर लग सकता है.

इसके अलावा बची हुई रकम के आधे हिस्से की निकासी पर चार साल की पाबंदी (लॉक इन) होगी. हालांकि अगर टैक्सपेयर खुद बेहिसाब राशि की घोषणा नहीं करता है तो उच्च दर से 90 प्रतिशत कर लगेगा.

मोदी मंत्रिमंडल ने गुरुवार की रात इनकम टैक्स कानून में संशोधन की जो मंजूरी दे दी है, उसके तहत पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट निर्धारित सीमा से अधिक जमा करने के बारे में अगर आयकर अधिकारियों के समक्ष घोषणा की जाती है, तो उस पर 50 प्रतिशत कर लग सकता है.

सूत्रों ने जानकारी दी है कि शेष राशि का आधा हिस्सा या मूल जमा का 25 प्रतिशत को चार साल तक निकालने की अनुमति नहीं होगी. उसने बताया कि अगर इस तरह जमा के बारे में घोषणा नहीं की जाती है और उसका पता कर अधिकारियों को चलता है तो कुल 90 प्रतिशत कर और जुर्माना लगाया जाएगा.

सरकार ने नोटबंदी के बाद 10 नवंबर से 30 दिसंबर यानी 50 दिन में पुराने नोट जमा करने या उसे नई मुद्रा में बदलने की अनुमति दी है. जहां तक रुपये बदलने की बात है, इसे पहले पहले 2,000 रुपये प्रति व्यक्ति सीमित किया गया और अब इसे वापस ले लिया गया है. वहीं पुराने नोट में बची हुई धनराशि बैंक खातों में जमा की जा सकती है.

सूत्रों ने कहा कि इससे केवल दो सप्ताह में खासकर शून्य खाते वाले जनधन खातों में 21,000 करोड़ रुपये से अधिक जमा हुए हैं. इससे इन खातों को काले धन के सफेद करने में उपयोग को लेकर आशंका बढ़ी है. कर अधिकारियों ने 10 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच 2.5 लाख रुपये से अधिक बेहिसाब जमा पर कर और उस पर 200 प्रतिशत जुर्माना लगाने की बात की थी.

मंत्रिमंडल ने गुरुवार को आयकर कानून में संशोधन को मंजूरी दे दी है. इसके तहत एक उपबंध जोड़ा जाएगा जो मोहलत अवधि के दौरान बेहिसाब आय पर कर लगाने का प्रस्ताव करता है. सरकार की संसद के मौजूदा सत्र में मंजूरी के लिये संशोधन लाने की योजना है.

सूत्रों के अनुसार नोटबंदी काला धन और भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम है लेकिन अगर बेहिसाब आय बेनामी जमा के जरिये व्यवस्था में आती है तो मकसद पूरा नहीं होगा. ऐसे में इस पर कर बेईमान लोगों को दंडित करने का तरीका है.

First published: 26 November 2016, 10:45 IST
 
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