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नोटबंदी: मोदी के मंत्री सदानंद गौड़ा के भाई की मौत, अस्पताल ने नहीं ली पुरानी करेंसी

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 November 2016, 10:41 IST
(पीटीआई)

मोदी सरकार के द्वारा लागू की गई नोटबंदी की मार केवल आम जनता को नहीं पड़ रही है. इस फैसले के शिकार केंद्रीय मंत्री भी हो रहे हैं.

खबरों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा को नोटबंदी की मार झेलनी पड़ी है. बताया जा रहा है कि गौड़ा अपने मृत भाई के अस्‍पताल का बिल पुरानी करेंसी में नहीं चुका पाए.

बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा के भाई भास्कर गौड़ा का मंगलवार को मंगलौर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वो जॉन्डिस की वजह से अस्पताल में भर्ती थे.

सदानंद गौड़ा ने अस्पताल से मांगा जवाब

केंद्रीय मंत्री गौड़ा को जब पता चला तो वो फौरन अस्पताल पहुंचे और उन्‍होंने बकाया बिल का भुगतान पुरानी करेंसी से करना चाहा, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने पुराने नोट लेने से साफ मना कर दिया.

ऐसे में केंद्रीय मंत्री नाराज हो गए. उन्होंने अस्पताल प्रशासन से लिखित में जानकारी मांगी है कि क्यों पुरानी करेंसी लेने से उन्होंने मना किया.

गौड़ा का मानना है कि ऐसा करने से आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी. हालांकि बाद में अस्पताल प्रशासन ने चेक के जरिए बिल की रकम ले ली.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार के द्वारा सरकारी अस्पतालों को सिर्फ 24 तारीख तक ही पुरानी करेंसी लेने का आदेश दिया गया है, इस आदेश के दायरे में निजी अस्पताल नहीं आते हैं.

केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि प्राइवेट हॉस्पिटल इलाज के लिए पुराने नोट को नहीं स्वीकार करेंगे तो यहां इलाज करवाने आए सभी मरीजों को कितनी परेशानी होगी मैं ये महसूस कर सकता हूं.

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अस्पताल ने जो किया वो ठीक नहीं है. मैंने उनसे लिख कर देने को कहा है कि वे पुराने नोट नहीं लेंगे. उनसे लिखित में मिल जाने के बाद मैं अगली कार्रवाई के बारे में विचार करूंगा.

First published: 23 November 2016, 10:41 IST
 
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