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जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता अमानुल्लाह खान का निधन

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 April 2016, 13:32 IST

अलगाववादी नेता और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के संस्थापक अमानुल्लाह खान का लंबी बीमारी के बाद पाकिस्तान के रावलपिंडी में निधन हो गया. अमानुल्लाह 82 साल के थे और काफी अरसे से फेफड़े की बीमारी से परेशान थे.

रावलपिंडी के एक अस्पताल में मंगलवार तड़के अमानुल्लाह खान ने अंतिम सांसें लीं. बुधवार सुबह 11 बजे उनका अंतिम संस्कार लियाकत बाग इलाके में किया जाएगा. 

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जन्म


अमानुल्लाह खान का जन्म 24 अगस्त 1934 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगिट इलाके में हुआ था. 1940 में वो पढ़ाई के लिए श्रीनगर गए. अमानुल्लाह ने 1950 में मैट्रिक की परीक्षा कश्मीर यूनीवर्सिटी से पास की.


उन्हें मेरिट लिस्ट (राज्य के मुस्लिम छात्रों में अव्वल) में भी जगह मिली थी. इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वो एसपी कॉलेज पहुंचे. बाद में अमानुल्लाह ने अमर सिंह कॉलेज में एडमिशन लिया, लेकिन 1952 में वो वापस पाकिस्तान चले गए.

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कराची के एसएम कॉलेज से 1957 में अमानुल्लाह ने लॉ ग्रेजुएट (विधि स्नातक) की परीक्षा पास की. 1965 में अमानुल्लाह खान को जम्मू-कश्मीर जनमत संग्रह मोर्चे का महासचिव चुना गया.

1977 में जेकेएलएफ की स्थापना


1976 में अमानुल्लाह खान इंग्लैंड चले गए. मई 1977 में इंग्लैंड में ही उन्होंने अलगाववादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) की स्थापना की.

अमानुल्लाह खान के परिवार में अभी उनकी बेटी असमा हैं. वहीं खान ने आजाद कश्मीर (अंग्रेजी) और मेरी आत्मकथा (उर्दू) में दो किताबें भी लिखी हैं.

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इसके अलावा जम्मू-कश्मीर विवाद और अलगाववादियों के आंदोलन से जुडे तीन दर्जन बुकलेट और पैंफलेट भी अमानुल्लाह खान ने छपवाए.

साथ ही अमानुल्लाह ने कश्मीर के मुद्दे को लेकर 20 से ज्यादा देशों की यात्राएं कीं, जिनमें संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासभा की बैठक भी शामिल है.

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First published: 26 April 2016, 13:32 IST
 
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