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पाकिस्तानी जांच दल के भारत आने को लेकर गफलत

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 March 2016, 0:16 IST
QUICK PILL
  • पठानकोट हमले की जांच के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों के जांच दल के भारत आने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है.
  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हुई उच्च स्तरीय रणनीतिक वार्ता में कहा था कि पाकिस्तान के जांच अधिकारियों का एक दल सबूत जुटाने के लिए भारत का दौरा कर सकता है.

पठानकोट हमले के आरोपियों का पता लगाने के लिए  पाकिस्तान से जांच अधिकारियों  के एक दल के भारत आने की आशंका के बीच गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कैच को बताया, 'फिलहाल उन्हें ऐसे किसी जांच दल के भारत आने की जानकारी नहीं है.'

अधिकारी ने बताया, 'पाकिस्तान मीडिया में चल रही कई रिपोर्ट को भारतीय मीडिया रिपोर्ट करती है. हालांकि अभी की स्थिति में ऐसा कुछ नहीं है.' खबरों के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान से जांच अधिकारियों के दल के बारे में तैयारियों को पूरा करने के लिए कहा है.

मुंबई हमलों की जांच के दौरान दोनों देशों ने न्यायिक आयोग को एक दूसरे के यहां जाने की अनुमति दी थी ताकि सबूतों को जुटाया जा सके.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हुई उच्च स्तरीय रणनीतिक वार्ता में कहा था कि पाकिस्तान के जांच अधिकारियों का एक दल सबूत जुटाने के लिए भारत का दौरा कर सकता है.

मुंबई हमले के बाद भी दोनों देशों ने न्यायिक आयोग को भारत और पाकिस्तान का दौरा करने की अनुमति दी थी

सूत्रों ने इससे पहले बताया था कि पाकिस्तान पर भारत के खिलाफ आतंकियों को शह दिए जाने के मामले में अमेरिकी की तरफ से जबरदस्त दबाव था. अजीज ने  उम्मीद जताई कि टीम के भारत दौरे के बाद दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता हो सकती है.

पठानकोट हमला

पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के बाद दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत रुक गई थी. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने हाल ही में कहा था कि पठानकोट हमला बिना अधिकारियों के समर्थन के नहीं हो सकता था. उनका इशारा पाकिस्तान की तरफ था.

इसके बाद से जांच टीम के पठानकोट एयरबेस में घुसने की अनुमति दिए जाने को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. अभी तक इस बारे में कोई भी आधिकारिक सूचना नहीं दी जा रही है.

देश की जांच एजेंसयिां अभी तक पठानकोट हमले में शामिल हमलावरों की संख्या का पता नहीं लगा पाई है

मुंबई हमला मामले में प्रधानमंत्री से सलाह लिए जाने के बाद डेविड हेडली को गवाह बनाने का फैसला लिया गया. माना जा रहा है कि जांच दल को भारत आने की अनुमति दिए जाने का फैसला उच्च स्तर की बैठक के बाद लिया जाएगा.

हालांकि सबसे अधिक दिलचस्प बात यह है कि देश की जांच एजेंसयिां अभी तक पठानकोट हमले में शामिल हमलावरों की संख्या का पता नहीं लगा पाई है. हालांकि चार आतंकियों को उस दौरान मार गिराया गया था जबकि दो अभी भी फरार हैं.

हाल ही में समाचार पत्र में आई खबर के मुताबिक फॉरेंसिक रिपोर्ट ने अभी तक चार लोगों से अधिक लोगों की मौजूदगी को स्वीकार नहीं किया है. मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, 'जांच अभी भी जारी है. हमें नहीं पता कि वह छह थे या सात या उससे अधिक.' उन्होंने कहा, 'चार आतंकियों के मारे जाने के बाद भी फायरिंग हुई थी. निश्चित तौर पर उनकी संख्या चार से ज्यादा थी.'

अधिकारी ने कहा, 'कल तक गृह मंत्रालय को इस बारे में अभी तक जानकारी नहीं थी.' उन्होंने कहा, 'दो माध्यमों के जरिये इस तरह की बातचीत की जाती है. पहला तो विदेश मंत्रालय जबकि दूसरा माध्यम राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का होता है. लेकिन दोनों ही सूरतेहाल में इसे आखिरकार गृह मंत्रालय के पास ही आना है क्योंकि यह पूरा मामला आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है.'

अधिकारी ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि पाकिस्तानी अधिकारी विदेश मंत्राय या राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ संपर्क में है. हालांकि  न्यूयॉर्क में अजीज ने कहा था कि दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार संपर्क में हैं.

वहीं अप्रत्याशिक कदम उठाते हुए पाकिस्तानी सरकार इस मामले में एफआईआर दर्ज कर चुकी है और पठानकोट हमले के तीन संदिग्धों को गिरफ्तान किया जा चुका है. गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा को बताया, 'इस मामले में एक मुकदमा दर्ज किया जा चुका है. यह पहली बार है जब पाकिस्तान सरकार ने कार्रवाई की है. भारत ने इस मामले में पाकिस्तान को सबूत दे दिया है.' 

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First published: 3 March 2016, 0:16 IST
 
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