Home » इंडिया » Now Goa Archbishop write a letter says Our Constitution is in danger
 

दिल्ली के बाद अब गोवा के आर्कबिशप ने संविधान को बताया खतरा, बोले- हमें करनी होगी रक्षा

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 June 2018, 14:26 IST

दिल्ली के आर्कबिशप के बाद अब गोवा के आर्कबिशप ने देश के संविधान को खतरा बताते हुए पत्र लिखा है. गोवा के आर्कबिशप फिलीप नेरी फेराओ ने चिट्ठी लिखकर संविधान पर खतरे की बात कही है. उन्होंने कहा कि बहुत से लोग असुरक्षा की भावना के साथ जी रहे हैं. लोगों को संविधान के मूल्यों और सभी धर्मों की आज़ादी की रक्षा करनी चाहिए.

फिलीप ने इस पत्र के माध्यम से गोवा और दमन के कैथोलिक ईसाइयों को संबोधित किया है. फिलीप ने लिखा, "आज हमारा संविधान ख़तरे में है और इस वजह से बहुत से लोग असुरक्षा में जी रहे हैं. चूंकि आम चुनाव नज़दीक हैं, तो हमें अपने संविधान को बचाने और उसके मूल्यों की रक्षा के लिए मेहनत करनी होगी."

उन्होंने आगे लिखा, "इन दिनों देश में एक ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. इसके तहत सामाजिक एकता की मांग की जा रही है और हमारे खाने-पीने, पहनावे, रहन-सहन और यहां तक कि प्रार्थना पर भी नज़र रखी जा रही है. यह एक तरह से एक-संस्कृतिवाद है. मानव अधिकार और लोकतंत्र खतरे में है. अल्पसंख्यकों को अपनी सुरक्षा का खतरा सता रहा है और विकास के नाम पर लोगों को उनकी जगहों और घरों से हटाया जा रहा है."

बता दें कि कुछ दिन पहले दिल्ली के आर्कबिशप अनिल कूटो ने ईसाई समुदाय के लोगों से अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए प्रार्थना के साथ ही हर शुक्रवार को उपवास करने का आग्रह किया था. उन्होंने कहा था कि हमें प्रार्थना करनी होगा जिससे देश में शांति, लोकतंत्र, समानता, स्वतंत्रता और भाईचारा बरकरार रहे.

उन्होंने पत्र लिखकर कहा था, "हम एक 'अशांत राजनैतिक वातावरण' देख रहे हैं, जो हमारे संविधान में निहित लोकतांत्रिक सिद्धांतों तथा हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप के लिए खतरा है. देश तथा राजनेताओं के लिए हमेशा प्रार्थना करना हमारी प्रतिष्ठित परम्परा है, लेकिन आम चुनाव की ओर बढ़ते हुए यह और भी ज़रूरी हो जाता है. अब जब हम 2019 की ओर देखते हैं, जब हमारे पास नई सरकार होगी, तो आइए, हम देश के लिए 13 मई से शुरू करते हैं एक प्रार्थना अभियान."

पढ़ें- 2000 करोड़ के घोटाला मामले में फंसे शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा, ED दफ्तर में हो रही गहन पूछताछ

इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता आर्कबिशप पर हमलावर हो गए थे. भाजपा के कई नेताओं ने खत के विरोध में बयान जारी किए थे. खत पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी जाति और धर्म के बंधन को तोड़कर बिना किसी भेदभाव के सबके विकास के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा था कि हम केवल चर्च को प्रगतिशील मानसिकता के साथ सोचने के लिए कह सकते हैं. हमारी सरकार 'सबका साथ सबका विकास' वाली सरकार है.

First published: 5 June 2018, 14:16 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी