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धोनी के बाद 10 लाख लोगों की आधार डिटेल्स लीक

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 April 2017, 14:41 IST

झारखंड डायरोक्टोरेट ऑफ सोशल सिक्योरिटी की देखरेख में रह रहे एक वेबसाइट में आए प्रोग्रामिंग एरर की वजह से 10 लाख से भी ज्यादा नागरिकों को अपनी डिजिटल आइडेंटीटी से समझौता करना पड़ा है.

'हिंदुस्तान टाइम्स' की खबर के मुताबिक, इस गलती की वजह से झारखंड के ओल्ड एज पेंशन स्किम वाले उपभोक्ताओं के नाम, पता, आधार नंबर और बैंक अकाउंट डिटेल्स का खुलासा हो गया है. झारखंड में 16 लाख से ज्यादा पेंशनर्स हैं, जिनमें से करीब 14 लाख ने अपने आधार नंबर को बैंक खाते से जोड़ रखा है. अब उनके सारे प्राइवेट डिटेल्स वेबसाइट पर आसानी से उपलब्ध हैं जिन्हें कोई भी देख सकता है.

ऑथोरिटी ने पिछले महीने में कम से कम आठ पुलिस शिकायतें दर्ज की हैं, जिसमें निजी पार्टियों के खिलाफ 'गैरकानूनी तौर पर नागरिकों के आधार संख्या एकत्रित' करने का आरोप है. ये वो जानकारियां हैं जिसे झारखंड सरकार ने अब सार्वजनिक कर दिया है.

ये घटना भी ऐसे समय में सामने आई है जब आधार को सभी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए सरकार ने अनिवार्य कर दिया है और सुप्रीम कोर्ट से लेकर साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और विपक्षी पार्टी तक को ये फॉर्मूला रास नहीं आया है.

गौरतलब है कि आधार एक्ट के सैक्शन 29(04) के मुताबिक आधार नंबर सार्वजनिक करना अपराध है. इस साल की शुरुआत में, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने भारतीय टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी के आधार नंबर को प्रकाशित करने के लिए आधार सर्विस प्रोवाइडर को 10 साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया था.

राज्य के सामाजिक कल्याण विभाग के सचिव एमएस भाटिया ने बताया कि 'हमें इसके बारे में इस हफ्ते ही पता चल गया था हमारे प्रोग्रामर इस पर काम कर रहे हैं, और इस मामले पर जल्द ही ध्यान दिया जाना चाहिए.

First published: 23 April 2017, 14:41 IST
 
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