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अब कठेरिया के बहाने विपक्ष ने घेरा सरकार को

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 March 2016, 8:50 IST

बीते रविवार को केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया द्वारा आगरा में कथित तौर पर मुसलमानों के खिलाफ दिया गया भाषण सरकार के गले की एक और हड्डी बन गया है. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने मंत्री को बर्खास्त करने की मांग कर हंगामा शुरू कर दिया, जिसकी वजह से राज्यसभा और लोकसभा दो बार स्थगित हुई. कांग्रेस ने रामशंकर कठेरिया के बयान को लेकर दोनों सदनों में काम रोको प्रस्ताव दिया.

आगरा के रामलीला मैदान में एक शोकसभा में उन्होंने कथित तौर पर मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया था. उन्होंने हिन्दुओं को अपनी ताकत दिखाने के लिए ललकारा. आगरा के विश्व हिंदु परिषद के नेता अरुण माहौर की हत्या के बाद श्रद्धांजलि सभा में शरीक होने पहुंचे कठेरिया यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि प्रशासन ये न समझे की मंत्री बनने से मेरे हाथ बंध गए हैं, वे भी कभी लाठी-डंडा लेकर चलते थे.

रविवार को आगरा के जयपुर कॉलोनी स्थित रामलीला मैदान पर भाजपा सांसद कठेरिया और फतेहपुर सीकरी से सांसद बाबू लाल बीजेपी, साध्वी प्राची और वीएचपी और बजरंग दल के तमाम नेता वीएचपी के नगर उपाध्यक्ष अरुण माहौर की हत्या के विरोध में आयोजित एक शोकसभा में हिस्सा लेने पहुंचे थे.

क्या है मामला

आगरा के मंटोला थाना इलाके में पड़ने वाले मीरा हुसैनी चौराहे पर गुरुवार को वीएचपी नेता अरुण माहोर की हत्या कर दी गई थी. अरुण सुबह-सुबह अपनी फर्नीचर की दुकान खोलने के बाद मंदिर जा रहे थे. रास्ते में अज्ञात युवकों ने उन्हें गोली मार दी. अरुण की मौत के बाद पूरे आगरा और आस पास के जिलों में तनाव फैल गया था.

अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए संघ और विहिप ने रविवार को एक शोकसभा का आयोजन किया था. इस आयोजन का रुख देखते ही देखते मुस्लिम विरोध में तब्दील हो गया. सभा को संबोधित करते हुए कठेरिया ने कहा, 'हिन्दू समुदाय के खिलाफ षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे पहचानने के लिए हमें अलर्ट रहना होगा और खुद को मजबूत करना होगा. हमें इसके खिलाफ लड़ना होगा, क्योंकि अगर अब हम इसे नहीं करते हैं तो आज हमने एक अरुण को खोया है और कल कोई दूसरा अरूण होगा. इससे अच्छा है कि हत्यारे मरें. हमें ऐसा उदाहरण पेश करना होगा.'

सीकरी से भाजपा सांसद बाबू लाल ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'अगर मुस्लिमों के दिमाग में कुछ फितूर है तो आइए, एक रेखा खींचिए और फिर देख लेंगे आप हिंदुओं की ताकत को.'

रामशंकर कठेरिया की सफाई

विवाद बढ़ता देखकर राम शंकर कठेरिया ने इस पर सफाई दी है. उनका कहना है कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया. मैंने केवल इतना कहा कि हिन्दू समाज को अपना संरक्षण करना चाहिए. संगठित होना चाहिए. इसके अलावा मैंने कोई उकसाने वाला भाषण नहीं दिया, किसी समुदाय का नाम नहीं लिया. भाषण की पूरी सीडी है. हां, हत्यारों को फांसी हो ये जरूर कहा है.

एक अंग्रेजी अख़बार में खबर आने के बाद कठेरिया ने इसका खंडन किया. उन्होंने बताया कि ‘हत्या के बदले हत्या’की बात उन्होंने कभी नहीं कही थी. कठेरिया ने उक्त अंग्रेजी अखबार के खिलाफ मानहानि का दावा करने की घोषणा भी की है.

रामशंकर कठेरिया ने कहा, ”मैंने बयान दिया था कि इससे पहले कि किसी और साथी की हत्या हो, हत्यारे को फांसी हो जानी चाहिए. हत्यारा हिंदू भी हो सकता है और मुसलमान भी, ऐसे में किसी एक संप्रदाय को दोषी ठहराना उचित नहीं है और ना ही मैंने ऐसा कहा है.”

"मैंने बयान दिया था कि इससे पहले कि किसी और साथी की हत्या हो, हत्यारे को फांसी हो जानी चाहिए"

कठेरिया के विवादित बयान ने संसद के बजट सत्र में विपक्ष के हाथ एक और हथियार पकड़ा दिया है. कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ऐसी बातें कर करके भाजपा और संघ समाज को तोड़ने की योजना बना रहे हैं. जब जब चुनाव आते हैं, तब तब ये चुनाव को ध्यान में रखकर ऐसा करते हैं.

बसपा प्रमुख मायावती ने भी मांग की है कि कठेरिया को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए. उधर, जेडीयू के नेता अली अनवर ने कहा कि मंत्री का बयान देश की एकता अखंडता के लिए खतरनाक है. ऐसे लोग देश की छवि खराब कर रहे हैं.

इस विवाद में एमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी भी कूद पड़े हैं. उनके मुताबिक एक मंत्री को इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए. एक मंत्री का काम होता है पूरे मुल्क को साथ लेकर चले. ये सरकार सबका साथ और सबका विकास की बात करती है जबकि अंदर कुछ और सोचती है.

क्या है वीडियो में

साभार: टीवी9 गुजराती

आगरा में वीएचपी नेता अरुण माहोर उर्फ बबली की हत्या के बाद रविवार को कठेरिया शोकसभा में पहुंचे थे. यहां उन्होंने कहा-हिंदू समाज के साथ जो कुछ भी षडयंत्र हो रहा है उसको हमें जागरूक होकर समझना होगा. अपने आपको ताकतवर बनाना होगा. दूसरा या तीसरा साथी चला जाए उससे पहले ये हत्यारे ही चले जाएं ऐसी मिसाल देनी होगी.
First published: 2 March 2016, 8:50 IST
 
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