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अब बौद्ध पर्यटन का विकास है PM मोदी का अगला लक्ष्य

न्यूज एजेंसी | Updated on: 29 April 2018, 16:39 IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 30 अप्रैल को बुद्ध जयंती समारोह का उद्धाटन करेंगे. इस कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति मंत्रालय इंटरनेशलन बुद्धिस्ट कन्फेडरेशन ( आईबीसी ) के साथ मिल कर कर रहा है. एक बयान के अनुसार , ‘‘ मोदी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति पवित्र अवशेषों के दर्शन करेंगे, जिन्हें खासतौर से समारोह के लिए राष्ट्रीय संग्रहालय से इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम लाया जाएगा. गौरतलब है कि मोदी ने 2015 में बुद्ध जयंती दिवस को राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाए जाने की घोषणा की थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि केंद्र बौद्ध पर्यटन के लिए बुयिनादी ढांचा तैयार कर रही है ताकि देश के प्रमुख बौद्ध स्थलों से दक्षिणपूर्व एशिया को जोड़ा जा सके. मोदी ने अपने मासिक रेडियो संबोधन 'मन की बात' के दौरान कहा, "हम बौद्ध पर्यटन के लिए बुनियादी ढांचा तैयार कर रहे हैं, जो देश के महत्वपूर्ण बौद्द स्थलों को दक्षिणपूर्व एशिया से जोड़ेगा.

 

 

मैं इस बात से बहुत खुश हूं कि सराकर कई बौद्ध मंदिरों के जीर्णोद्धार में साझेदार है, जिनमें म्यांमार के बागान में सदियों पुराना आनंद मंदिर भी शामिल है." मोदी ने कहा कि देश को भगवान बुद्ध की बुद्धिमता विरासत में मिली है. उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म ने भारत को चीन, जापान, कोरिया, थाईलैंड, कंबोडिया और म्यांमार जैसे कई एशियाई देशों से जोड़ा है, भगवान बुद्द की शिक्षाएं जहां की परंपरा का हिस्सा रही हैं.

मोदी ने कहा, "आज, जब विश्व में हर जगह टकराव और मानवीय पीड़ा है, भगवान बुद्ध की शिक्षाएं करुणा के जरिए विश्व की घृणा से मुक्ति का मार्ग दिखाती हैं. मैं भगवान बुद्ध का सम्मान करने वाले और उनके करुणा के सिद्धांतों में विश्वास करने वाले दुनियाभर के लोगों को बुद्ध पूर्णिमा के पावन मौके पर बधाई देता हूं."

First published: 29 April 2018, 16:39 IST
 
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