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NRC मामला: सुब्रहमण्यम स्वामी- ममता सरकार को बर्खास्त कर पश्चिम बंगाल में लगे राष्ट्रपति शासन

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 August 2018, 14:30 IST

एनआरसी मामले में ममता बनर्जी के बयान के बाद सुब्रमण्यम स्वामी ने पलट वार किया है. सुब्रमण्यम स्वामी ने ममता के 'खून-खराबे' वाले बयान को लेकर ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. इसके साथ ही स्वामी ने बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग की. इससे पहले स्वामी ने एनआरसी मामले में राज्यसभा में कहा था, ''अगर हमारी सरकार पश्चिम बंगाल में आई तो हम वहां भी एनआरसी लागू करेंगे.''

उधर ममता लगातार एनआरसी के विरोध में हैं. उन्होंने ये भी कहा था कि अगर एनआरसी लागू हुआ तो देश में गृहयुद्ध के हालात भी बन सकते हैं. एनआरसी का विरोध करने वालों के खिलाफ कल सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था, ‘’अगर कोई चटाई लेकर भारत के अंदर आ जाए तो क्या वह भारत का नागरिक हो जाएगा? भारत कोई धर्मशाला नहीं है जहां पर कोई भी किसी भी देश से आकर बस जाए. अभी तो असम में एनआरसी लागू हुआ है. अगर हमारी सरकार पश्चिम बंगाल में आएगी तो हम वहां पर भी एनआरसी लागू करेंगे.’’

गौरतलब है कि ममता के गृहयुद्ध और खून खराबे वाले बयान को लेकर ममता की काफी आलोचना हो रही है. ममता के इस बयान पर किरन रिजिजू ने भी नाराजगी जताई. रिजिजू ने कहा, '' राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखने और हिंसा को उत्तेजित करने के लिए मुख्यमंत्री का कर्तव्य है. गृह युद्ध पर उनकी टिप्पणी निंदाजनक है.’’

क्या है एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट?
असम में आज नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स का अंतिम ड्राफ्ट जारी किया गया है. इसके अनुसार 2 करोड़ 89 लाख 83 हजार 677 लोगों को वैध नागरिक माना गया है. लेकिन चौंकाने वाली बात है कि लगभग 40 लाख लोगों को अवैध नागरिक माना गया है.

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बता दें इससे पहले 31 दिसंबर को पहला ड्राफ्ट जारी किया गया था. तब 3.29 करोड़ में से 1.9 करोड़ लोगों के नाम शामिल किए गए थे. अब यह आंकड़ा बढ़कर 2.89 करोड़ हो गया है. वैध नागरिकता के लिए 3,29,91,384 लोगों ने आवेदन किया था, जिसमें 40,07,707 लोगों को अवैध माना गया.

First published: 1 August 2018, 14:31 IST
 
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