Home » इंडिया » nsa ajit doval talk to the china over lac
 

अजीत डोभाल ने सीमा विवाद पर चीन से की बातचीत

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 April 2016, 17:48 IST

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चीन के विशेष प्रतिनिधि यांग जिची से भारत-चीन सीमा विवाद हल करने के लिए 19वें दौर की वार्ता की.

दोनों देशों के बीच ये बातचीत ऐसे वक्त में हुई, जब चीन ने यूएन में  वीटो के जरिए जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर बैन लगाने के भारतीय प्रयासों को करारा झटका दिया था. इससे दोनों देशों के संबंधों में कटुता आ गई थी. 

पढ़ें:मसूद अजहर आतंकवादी नहीं: चीन

भारतीय पक्ष की ओर से अजीत डोभाल और चीन की ओर से जिची सीमा विवाद पर वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि हैं. दोनों को जटिल द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने की शक्ति भी हासिल है.

पिछले महीने भारत ने कोशिश की थी कि संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति पठानकोट हमले के सरगना अजहर मसूद को आतंकवादी के रूप में नामित करे, लेकिन चीन ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी.

चीन ने कहा था कि ये मामला सुरक्षा परिषद के मानदंडों को पूरा नहीं करता. चीन की इस कार्रवाई पर भारत में जबरदस्त प्रतिक्रिया हुई.

भारत ने कहा कि ये समझ से बाहर है कि जहां जैश-ए-मोहम्मद संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिबंधित किया गया है, वहीं उसके मुखिया पर कोई प्रतिबंध नहीं है.

मसूद अजहर पर वीटो से विवाद

भारतीय अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादियों की सूची में अजहर का नाम शामिल करने के कदम को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के चार स्थायी सदस्यों ने मंजूरी दे दी थी, लेकिन चीन ने उसे ‘तकनीकी तौर पर लंबित’ कर दिया.

उसने पहले यही काम मुंबई हमले के सरगना जकी-उर-रहमान लखवी के मामले में किया गया था. उम्मीद की जा रही है कि डोभाल चीनी प्रधानमंत्री ली क्विंग से भी मुलाकात करेंगे.

पढ़ें:संयुक्त राष्ट्र में 'गुप्त' वीटो के इस्तेमाल पर भारत नाराज

सरकारी अखबार ‘चाइना डेली’ ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट में बताया कि ली ने कहा था कि विवादों को उचित रूप से निपटाया जाना चाहिए और भारत के साथ रिश्तों को प्रगाढ़ किया जाना चाहिए.

चीन के प्रधानमंत्री ने कहा कि चीन भारत के साथ अपने द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाते हुए उसके साथ विवादों का प्रबंधन ठीक ढंग से करके एशिया के आर्थिक विकास में योगदान करेगा.

सीमा विवाद पर दोनों पक्षों के अधिकारियों का कहना है कि लंबी वार्ता में प्रगति हुई है. दोनों पक्षों ने 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव से बचने के प्रयास किए.

पढ़ें:मसूद अजहर पर चीन के वीटो केे बाद भारत ने जतायी निराशा

First published: 21 April 2016, 17:48 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी