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आह! ओडिशा: एंबुलेंस ड्राइवर के इनकार के बाद 6 किमी तक पिता ने ढोया बेटी का शव

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 September 2016, 14:02 IST
(पत्रिका)

दाना मांझी के बाद ओडिशा से एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. ये दुखद वाकया मलकानगिरी जिले का है जहां छह साल की एक बच्ची की एंबुलेंस में मौत हो गई.

मासूम की मौत के बाद एंबुलेंस वाले ने शव को घर तक पहुंचाने से मना कर दिया. हालात के आगे मजबूर पिता को अपनी बच्ची का शव गोद में उठाकर छह किलोमीटर तक पैदल ही घर जाना पड़ा. इस घटना के बाद ओडिशा में स्वास्थ्य सेवाओं के लचर इंतजाम की एक बार फिर पोल खुल गई है.

एंबुलेंस में लाते वक्त बच्ची की मौत

जानकारी के मुताबिक, मलकानगिरी जिले के घुसापल्ली में शुक्रवार को सात साल की बच्ची बर्षा खेमुडु की तबीयत खराब होने पर परिवार ने उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था. वहां तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे मलकानगिरी के अस्पताल के लिए रेफर किया गया. बर्षा के माता-पिता उसे एंबुलेंस से अस्पताल लेकर जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.

लड़की के पिता दीनबंधु खेमुडु का कहना है कि बच्ची की मौत का पता चलते ही एम्बुलेंस ड्राइवर ने उन्हें उतार दिया. एंबुलेंस से उतारे जाने के बेटी की लाश लेकर दीनबंधु कई किलोमीटर तक चलते रहे.

छह किलोमीटर चलने के बाद वह एक गांव पहुंचे. जब लोगों ने दीनबंधु को बेटी का शव ले जाते हुए देखा तो उन्होंने स्थानीय अधिकारों को इस बारे में बताया. इसके बाद जाकर उनके लिए गाड़ी की व्यवस्था हो पाई.

डीएम ने दिए जांच के आदेश

मलकानगिरी के डीएम सुदर्शन चक्रवर्ती ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. मलकानगिरी पुलिस थाने में एंबुलेंस, उसमें मौजूद फार्मासिस्ट और अटेंडेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. 

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही ओडिशा के कालाहांडी से दाना मांझी का मामला सामने आया था. एंबुलेंस नहीं मिलने की वजह से दाना मांझी को अपनी पत्नी के शव को कंधे पर उठाकर 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा था. इस घटना की तस्वीरों ने देश के साथ-साथ पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था.

First published: 3 September 2016, 14:02 IST
 
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