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जम्मू: भक्ति में पागल होने से पहले यह जान लें कि सामने वाला पागल था

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 June 2016, 0:19 IST
(कैच न्यूज)

बीते मंगलवार को जम्मू कश्मीर में वायरल हुए एक वीडियो में साफ नज़र आ रहा है कि एक लम्बा, दाढ़ी वाला गंजा शख्स उन्मादी तरीके से मंदिर में घुसा. एक क्लिप में उसने रेलिंग को ठोकर मारकर लहराते हुए आगे बढ़ने और मंदिर की बंदनवार तोड़ने का दृश्य है. एक और क्लिप में यह शख्स पूजा कर रहे एक व्यक्ति को पीछे से पकड़कर मूर्तियों को लात मारते हुए दिखता है. और तीसरी क्लिप में वह मंदिर की घंटी को फेंकते हुए और गुस्से में हाथों से कुछ इशारा करते हुए भाग जाता है.

घटना के तुरंत बाद आरोपी को पकड़ लिया गया जो डोडा जिले के शिवगांव का रहने एक मानसिक विक्षिप्त व्यक्ति है. यासिर अल्फाज़ नाम के इस शख्स को उसका भाई तनवीर जम्मू में मेडिकल जांच के लिए लाया था. जम्मू की रूपनगर कॉलोनी में दोनों एक मनोचिकित्सक के क्लिनिक के बाहर इंतज़ार कर रहे थे, उसी वक़्त आरोपी यासिर अपने भाई की नजर से बचकर पास के ही शंभू मंदिर में घुस गया. उसकी इस हरकत से तुरंत शोर मच गया और हालात बेकाबू हो गए.

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हालांकि यासिर की गिरफ़्तारी और उसके मानसिक तौर पर बीमार होने के पुष्टि के बाद भी शहर के माहौल में ज़्यादा सुधार नहीं आया. घटना की वजह से गुस्साई भीड़ ने पुलिस पब्लिक स्कूल की दो बसों और कुछ निजी वाहनों को आग के हवाले कर दिया. स्थानीय लोगों ने असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर रहमतुल्लाह पर घटना की शिकायत करने गए महंत संजय शर्मा को पीटने का भी आरोप लगाया है. इसकी वजह से बेकाबू युवाओं की भीड़ ने जनीपुरा पुलिस स्टेशन को भी अपना निशाना बनाया.

हिंसा फैलने की आशंका को देखते हुए सरकार ने राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है

पुलिस के आला अधिकारियों ने उचित छानबीन कर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की गुज़ारिश की है. साथ ही यासिर के मानसिक रोगी होने की जांच का भी भरोसा दिलाया है. शहर में बने नाजुक हालात को देखते हुए अस्सिटेंट सब इंस्पेक्टर रहमतुल्लाह को फ़िलहाल सस्पेंड कर दिया गया है. इसके बावज़ूद भी शहर में अगले दिन बुधवार को भी आगजनी और पथराव की स्थिति बनी रही.

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पुलिस ने हल्के बल प्रयोग से भीड़ को काबू करने की कोशिश की. इसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से एक एसएचओ भी हैं. पुलिस ने 22 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.

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घटना की निंदा करते हुए शिवसेना और डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने इसके ख़िलाफ़ रैली निकाली. ये रैली रानी पार्क, परेड रोड, पुरानी मंडी, ओल्ड हॉस्पिटल रोड, सुपर बाज़ार, रघुनाथ बाज़ार से होते हुए तलब टिल्लो तक निकाली गयी. विश्व हिन्दू परिषद के राज्य अध्यक्ष लीला करन ने इसे एक अपवित्र कृत्य करार देते हुए मुस्लिम समुदाय को इसका ज़िम्मेदार बताया है.

घटना के सिलसिले में, राज्य के स्वास्थ मंत्री बलिराम भगत से वीएचपी अध्यक्ष और जम्मू सिविल सोसाइटी के लोगों ने मुलाक़ात की, जिसमें उन 22 प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की मांग की गयी थी. इस मुलाक़ात के तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों को बिना किसी शर्त के छोड़ दिया गया. स्वास्थ्य मंत्री ने मंदिर का मुआयना करने के बाद लोगों को ये आश्वासन दिया कि दोषी को माफ़ नहीं किया जायेगा. आरोपी यासिर जेल में है और उसकी पुलिस और मेडिकल जांच, दोनों चल रही हैं.

इन संगठनों ने ये सवाल उठाया है कि एक मानसिक विक्षिप्त बाकि जगहों को छोड़ कर सिर्फ़ मंदिर को ही अपना निशाना क्यों बनाएगा. सरकार ने मामले का जम्मू में मंदिरों पर हमला करने के इतिहास से जुड़े होने की जांच करने का वादा किया है.

हिन्दू समाज ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा: श्रीराम सेना

श्री राम सेना के प्रदेश मुखिया राजीव महाजन ने सरकार को चेतावनी दी है कि हिन्दू समाज ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा. अगर भविष्य में ऐसी घटना होती है तो जम्मू सरकार 2008 जैसा आंदोलन फिर से झेलने को तैयार रहे.

सरकार की तरफ से विधानसभा में मंत्री अब्दुल हक़ खान ने स्पष्ट बयान दिया है कि प्राथमिक जांच से ये साबित होता है कि आरोपी मानसिक तौर पर बीमार है. उधर शांति कायम करने की कोशिश में स्वास्थ मंत्री भगत द्वारा वीएचपी और बजरंग दल के नेताओं से मुलाकात और उनकी मांगे मान लेने को विरोधी दल नेशनल कांफ्रेंस प्रशासन का सांप्रदायिक भेदभाव बता रहा है.

नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता अली मुहम्मद सागर ने कहा कि कि जिस तरह से सरकार प्रदर्शनकारियों के प्रति नर्म रुख अपना रही है, उससे तो यही लगता है कि राज्य में दो तरह की कानून व्यवस्था है. एक तरफ़ आतंकवाद के ख़ौफ को ख़त्म करने के लिए पुलिस मासूम बच्चों को भी जेल में डालने से नहीं कतराती, वहीं दूसरी तरफ हिन्दू राइट विंग से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बिना कोई कार्रवाई किए छोड़ दिया जाता है.

First published: 18 June 2016, 0:19 IST
 
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