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संसदीय सचिव विवाद: आप के 21 विधायकों की सदस्यता पर चुनाव आयोग में सुनवाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 July 2016, 10:24 IST
(फाइल फोटो)

दिल्ली में 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति के मामले में चुनाव आयोग में आज अहम सुनवाई है. केजरीवाल सरकार की ओर से आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया गया था. संसदीय सचिवों का पद लाभ का पद है या नहीं, चुनाव आयोग इस पर सुनवाई करने वाला है.

चुनाव आयोग आज दिल्ली सरकार और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन की याचिका पर भी सुनवाई करेगा, जिसमें इन दोनों पक्षों ने खुद को इस मामले में पार्टी बनाने की मांग की है.

13 मार्च 2015 को केजरीवाल सरकार ने आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को मंत्रियों के संसदीय सचिव बनाने की घोषणा कर नोटिफिकेशन जारी किया था, जबकि पहले दिल्ली में सीएम के संसदीय सचिव का पद ही हुआ करता था. 

केवल सीएम के संसदीय सचिव का प्रावधान

21 संसदीय सचिवों की सदस्यता पर मंडरा रहे खतरे के बीच आज चुनाव आयोग अहम सुनवाई करने जा रहा है. उधर केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति का विरोध करते हुए कहा कि दिल्ली के लिए कानून में 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति का कोई प्रावधान ही नहीं है.

केंद्र सरकार ने कहा कि एक संसदीय सचिव हो सकता है, वो भी मुख्यमंत्री के पास, लेकिन 21 का कोई प्रावधान नहीं है.

चुनाव आयोग ने दिल्ली के उन 21 विधायकों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए नोटिस भेजा था, जिन्हें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संसदीय सचिव के पद पर नियुक्त किया था. चुनाव आयोग ने 14 जुलाई तक लाभ का पद के मामले में 21 विधायकों की सुनवाई का नोटिस भेजा था.

राष्ट्रपति ने नामंजूर किया था विधेयक

चुनाव आयोग ने स्पष्ट संवैधानिक प्रावधान न होते हुए भी संसदीय सचिव के रूप में नियुक्ति को लेकर 21 विधायकों से जवाब मांगा था. दिल्ली सरकार ने दिल्ली विधानसभा रिमूवल ऑफ डिस्क्वॉलिफिकेशन एक्ट- 1997 में संशोधन करने की कोशिश की थी.

इस विधेयक का मकसद संसदीय सचिव के पद को लाभ के पद से छूट दिलाना था, जिसे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नामंजूर कर दिया था.

इस मामले में चुनाव आयोग ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव से भी 11 सवालों के जवाब मांगे थे, जिसके जवाब सरकार की ओर से दाखिल किए जा चुके हैं. चुनाव आयोग के आशंकित फैसले के खिलाफ दिल्ली सरकार पहले ही सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कर चुकी है..

First published: 14 July 2016, 10:24 IST
 
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