Home » इंडिया » on 26/11 mumbai attack former mha sec. on pakistan
 

खुलासा: 26/11 मुंबई हमलों के वक्त गृह सचिव पाक हिल स्टेशन पर थे

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 June 2016, 16:06 IST
(पीटीआई)

मुंबई में 26 नवंबर 2008 को जब पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने दहशतगर्दी मचाई थी, उस वक्त भारत के तत्कालीन गृह सचिव पाकिस्तान की मेहमाननवाजी का लुत्फ उठा रहे थे.

इस संबंध में करीब 8 साल बाद यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. 26 नवंबर को जब आतंकियों ने मुंबई को निशाना बनाया, उसके ठीक एक दिन पहले पाकिस्तान में भारत और पाक के मध्य गृह सचिव स्तर की वार्ता खत्म हुई थी.

इसके बाद पाक अधिकारियों की गुजारिश पर भारतीय गृह सचिव वहीं एक दिन और रुक गए थे. यानी 26 नवंबर को जब भारत पर हमला हुआ, तो हमारे तत्कालीन गृह सचिव पाकिस्तान के मेहमान थे.

हिल स्टेशन मरी में रुके

हमले के दौरान तत्कालीन गृह सचिव मधुकर गुप्ता और भारत के कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारी पाकिस्तान के खूबसूरत हिल स्टेशन मरी नामक जगह पर रुके थे.

मधुकर गुप्ता के साथ बॉर्डर मैनेजमेंट के अतिरिक्त सचिव अनवर अहसन अहमद और आंतरिक सुरक्षा की संयुक्त सचिव दीप्ति विलास के साथ अन्य दूसरे अधिकारी भी थे.

इस मामले में पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना था कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल को वहां के गृह मंत्री से मिलना चाहिए, जो उस वक्त कहीं यात्रा पर थे.

गृह मंत्रालय में उस समय तैनात एक तत्कालीन अधिकारी के मुताबिक गृह सचिव स्तर की वार्ता खत्म होने के बावजूद पाक अधिकारियों ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को एक और दिन रोकना पाकिस्तान की नीयत पर बड़े गंभीर सवाल खड़े करता है.

बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के अधिकारियों ने मधुकर गुप्ता से 26 नवंबर को कहा था कि उनकी  गृह मंत्री से मुलाकात 27 नवंबर से पहले नहीं हो सकती, क्योंकि गृह मंत्री उस समय कहीं यात्रा पर हैं.

गृह सचिव के साथ उस यात्रा में शामिल रहे एक रिटायर्ड अधिकारी ने बताया कि इस्लामाबाद में वो दो दिन तक रुके थे. पाकिस्तान ने हमें मरी में एक हिल रिजॉर्ट में ठहराने की योजना बनाई थी.

हमले में शामिल लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारी हैंडल कर रहे थे.

27 नवंबर को दिल्ली पहुंचे

वहीं मधुकर गुप्ता ने इस मामले में बताया है कि उन्हें मुंबई हमले के बारे में जैसे ही पता चला, उन्होंने तुरंत गृह मंत्रालय में आंतरिक सुरक्षा के विशेष सचिव एमएल कुमावत से टेलीफोन पर बात की, जो उस समय मुंबई हमलों पर शुरुआती प्रतिक्रियाएं दे रहे थे.

वहीं पूर्वोत्तर के संयुक्त सचिव नवीन वर्मा और आतंरिक सचिव के उप सचिव आर.वी.एस. मणि उस रात गृह मंत्रालय के कंट्रोल रूम में बैठे रहे. गुप्ता मामले में मणि ने बताया कि 26 नवंबर की रात वह और नवीन वर्मा लगातार 10 घंटों तक गृह मंत्रालय के कंट्रोल रूम में रुके रहे.

इसके बाद 27 नवंबर की सुबह तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन मंत्रालय पहुंचे और हमसे चार्ज ले लिया और तत्कालीन गृह सचिव मधुकर गुप्ता भी 27 नवंबर की दोपहर तक दिल्ली पहुंचे और एयरपोर्ट से सीधे मंत्रालय आए.

First published: 11 June 2016, 16:06 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी