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नेशनल हेरॉल्ड मामले में महाराष्ट्र सरकार की चटर्जी कमेटी 14 फरवरी तक रिपोर्ट सौंपेगी

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:52 IST

 नेशनल हेरॉल्ड मामले में महाराष्ट्र सरकार की गौतम चटर्जी कमेटी 14 फरवरी तक अपनी जांच रिपोर्ट सौंप देगी.

महाराष्ट्र के चर्चित नेशनल हेराल्ड के मामले में यह एक सदस्यीय जांच कमेटी एसोसिएट जर्नल लिमिटेड ( एजीएल) को अवैध तरीके से भूमि हस्तांतरण और निर्माण के मामले में नेशनल हेरॉल्ड के भूमिका की पड़ताल कर रही है. 

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक आरटीआई के जरिए हुए एक खुलासे में इस जांच कमेटी की कार्यप्रणाली और गठन पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है क्योंकि गौतम चटर्जी वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार में नौकरशाह हैं और इस साल 31 जनवरी को सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद से रिटायर हो रहे हैं.

इस मामले में चटर्जी ने सारे संदेहों को खारिज करते हुए समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि 'मैं एसोसिएट जर्नल लिमिटेड की जांच रिपोर्ट को 14 फरवरी तक सरकारी पटल पर रख दूंगा'.   

इस मामले में बताया जा रहा है कि एसोसिएट जर्नल लिमिटेड वेस्टर्न एक्सप्रेस हाई-वे पर भूमि के जिस टुकड़े पर अपना व्यावसायिक भवन बना रही है, वो नेशनल हेरॉल्ड के जरिए नेहरू मेमोरियल लाइब्रेरी बनाने के लिए आवंटित की गई थी. इस लिहाज से यह भूमि आवंटन के नियमों का बड़ा उलंघन है. 

चटर्जी जांच कमेटी के गठन और कार्यप्रणाली पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिव स्वाधीन क्षत्रिय का कहना है कि 'अमूमन इस चरह की जांच कमेटी का प्रमुख रिटायर अधिकारी को ही बनाया जाता है. मुझे इस मामले में ज्यादा जानकारी नहीं है, मैं इसे देखता हूं'.

वहीं इस मामले में आरटीआई दायर करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली का कहना है कि इस मामले पर सरकार का रवैया टालमटोल करने वाला रहा है. अभी भी भूमि पर गैरकानूनी निर्माण लगातार जारी है और सरकार इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है. इससे यह पता चलता है कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं है.         

First published: 3 February 2016, 2:56 IST
 
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