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Jio यूनिवर्सिटी को उत्कृष्ट बना कर घिरी केंद्र सरकार, हायर एजुकेशन ने दी सफाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 July 2018, 12:44 IST

जियो यूनिवर्सिटी को सरकार द्वारा उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा देने पर विवाद शुरू हो गया है. मामले को तूल पकड़ता देख हायर एजुकेशन के सेक्रेटरी आर.सुब्रमण्यम ने सफाई दी है. सुब्रमण्यम ने बताया कि उत्कृष्ट संस्थान के लिए 3 कैटेगरी रखी गई थीं.

1. सार्वजनिक संस्था जिसमें आईआईटी को शामिल किया गया.

2. निजी संस्थान जिसमें BITS Pilani और मणिपाल आदि शामिल थे.

3. ग्रीनफील्ड प्राइवेट संस्थान वे संस्थान जो कि अभी नहीं है, लेकिन जो निजी निवेश हायर एजुकेशन को वैश्विक स्तर के मानकों तक ले जाने में सहयोगी होगा, उसका स्वागत होना चाहिए.

गौरतलब है कि जियो यूनिवर्सिटी को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा दिया गया. लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब ये बात सामने आयी कि अंबानी की ये यूनिवर्सिटी अभी अस्तित्व में ही नहीं है. इस बात को लेकर सरकार का घिराव शुरू हो गया.

 

समिति का प्रमुख पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालास्वामी को नियुक्त किया गया था तथा इसमें कुल चार सदस्य थे. हालांकि अभी तक इंटरनेट पर उत्कृष्ट दर्जा पाने वाली इस जियो यूनिवर्सिटी के कैंपस, कोर्स आदि के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है. यह एक प्रोजेक्टेड संस्थान है.

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बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ साल में यह संस्थान अस्तित्व में आ सकता है. द प्रिंट वेबसाइट के अनुसार यूजीसी का कहना है कि जब यह तीन साल बाद अस्तित्व में आएगा तो इसके पास अधिक एटोनॉमी होगी. साथ ही इसे ग्रीन फील्ड कैटेगरी के अधीन चुना गया है.

First published: 10 July 2018, 12:02 IST
 
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