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हिंदू मैरिज एक्ट के तहत वन नाइट स्टैंड शादी नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 June 2017, 13:16 IST

किसी परुष और महिला के बीच शारीरिक संबंध या वन नाइट स्टैंड हिन्दू विवाह अधिनियम के तहत विवाह की परिभाषा में नहीं आता. बॅाम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही दिए एक महत्वपूर्ण आदेश में यह बात कही.

हाईकोर्ट ने साथ ही कहा कि अगर उन दोनों ने शादी नहीं की है, तो ऐसे संबंधों से जन्में बच्चे को पिता की संपत्ति में कोई अधिकार नहीं होगा.

अंग्रेजी समाचार पत्र 'टाइम्स ऑफ इंडिया' में प्रकाशित खबर के मुताबिक, बंबई हाईकोर्ट के जस्टिस मृदुला भटकर ने कहा, "किसी संबंध को विवाह की मान्यता के लिए पारंपरिक या कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जानी जरूरी हैं. किसी की इच्छा, इत्तेफाक या फिर अचानक बने शारीरिक संबंध को शादी नहीं माना जा सकता."

जज ने कहा कि लिव इन रिलेशन और उससे जन्में बच्चे कानूनी जानकारों के लिए एक पेचीदा मुद्दा और चुनौती बन गए हैं.

हिंदू मैरेज ऐक्ट के तहत बच्चे के अधिकार के लिए शादी को साबित करना जरूरी होता है, भले वह शादी बाद में अवैध घोषित कर दी गई हो.

कोर्ट एक व्यक्ति के मामले में सुनवाई कर रहा था, जिसकी दो पत्नियां थीं. जब यह बात साबित हो गई कि व्यक्ति ने दूसरी बार शादी की थी, कोर्ट ने उसकी दूसरी शादी को अवैध घोषित कर दिया. हालांकि, उसकी दूसरी पत्नी से जन्म लेने वाली बच्ची को संपत्ति में अधिकार दिया गया. 

First published: 11 June 2017, 13:16 IST
 
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