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सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ में एक और गवाह अपने बयान से पलटा

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 April 2018, 17:28 IST

देश के बहुचर्चित सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में एक फिर से एक और गवाह अपने बयान से पलट गया है. इससे पहले भी CBI की जांच पर सवाल उठाने वाली जज को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बदला दिया था. इस मामले की सुनवाई पहले जस्टिस रेवती मोहिते डेरे कर रहीं थी. जस्टिस डेरे ने कहा सीबीआई यह प्रथम कर्तव्य है कि वह अदालत के समक्ष सभी साक्ष्यों को रखे, लेकिन इस मामले में अदालत द्वारा कई बार पूछने पर भी उसने केवल उन्हीं दो अधिकारियों की भूमिका के बारे में बहस की जिन्हें आरोपमुक्त करने को उसने चुनौती दी है. इस केस में अभी तक कुल 50 गवाह अपने बयान से पलट चुके हैं.

क्या था सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस

बता दें कि सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी का नवंबर 2005 में एनकाउंटर हुआ था. इस एनकाउंटर के मामले में सीबीआई के विशेष जज एसजे शर्मा की कोर्ट में राजस्थान के उदयपुर निवासी एक होटल मालिक माजिद मोहम्मद को पेश किया था. इस एनकाउंटर के मामले में इंस्पेक्टर भी एक आरोपी है. इस मामले की जांच और सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि गुजरात में इस केस की जांच को प्रभावित किया जा रहा था और केस को 2012 में मुंबई ट्रांसफर कर कहा था कि इस मामले की शुरू से अंत तक सुनवाई एक ही जज करेगा.

लेकिन कुछ कारणवश साल 2014 में ही जज जेटी उत्पत का ट्रांसफर कर दिया गया. वहीं उत्पत के ट्रांसफर के बाद इस केस में जज बृजगोपाल लोया को लाया गया. वहीं इस केस में मीडिया की रिपोर्टिंग पर निचली अदालत ने 29 नवंबर के बैन लगा दिया था. लेकिन हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में मीडिया रिपोर्टिंग पर लगे बैन को हटा दिया था.

First published: 18 April 2018, 17:28 IST
 
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