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स्मृति का सिर काटने के लिए विपक्ष ने विशेषाधिकार हनन की चाल चल दी है

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 February 2016, 22:16 IST

दलित छात्र रोहित वेमुला की मां द्वारा स्मृति ईरानी पर संसद में झूठ बोलने का आरोप लगाने के एक दिन बाद कांग्रेस ने आक्रामक मानव संसाधन विकास मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक ने शनिवार को कहा कि पार्टी "सदन को गुमराह करने” के लिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाएगी.

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विपक्ष मंत्री के खिलाफ बड़ी चढ़ाई की तैयारी कर रहा है और विपक्ष के इस कदम को कई पार्टियों का साथ मिलने की संभावना है. कांग्रेस के अलावा जनता दल यूनाइटेड के नेता केसी त्यागी और मनोनीत सांसद केटीएस तुलसी द्वारा भी मंत्री के खिलाफ राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन का कदम उठाने की संभावना है. जानकारी के अनुसार, सीपीआई (एम) के सांसद मोहम्मद सलीम भी लोकसभा में ऐसा ही कदम उठाएंगे.

कांग्रेस "सदन को गुमराह करने” के लिए स्मृति ईरानी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के लिए कदम बढ़ाएगी

विपक्ष की नीति यह संदेश देने की है कि भाजपा दलित-विरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी है. साथ ही यह भी कि भाजपा का देशभक्ति का विचार भारत के मिश्रित चरित्र के खिलाफ है. वे "यूनिवर्सिटीज पर आक्रमण” और ”दमघोंटू मतभेद” को लेकर भी भाजपा को पटखनी देना चाहते हैं.

विपक्ष के आरोप

“यदि उन्होंने सदन में प्रश्नकाल के दौरान तथ्यात्मक रूप से कुछ गलत कहा है और आपको सिर्फ नीचा दिखाने का काम किया है तो आप उन्हें जिम्मेदार नहीं मान सकते. लेकिन वे इस हादसे के बारे में पहले से ही जानती थीं और इस बात से परिचित भी थीं कि यह मामला संसद में लाया जाएगा.

कांग्रेस सांसद राजीव गौड़ा ने कैच को बताया, "सदन को गुमराह करना गंभीर अपराध है."

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भाजपाई खेमे का मानना था कि ईरानी ने अपने आम-बबूला भाषण से विपक्षियों के मुंह पर ताला जड़ दिया है. लेकिन अब लगता है यह हमला उलटा पड़ गया है.

वासनिक वेमुला की मां के उस बयान का उद्धरण देते हैं, जिसमें उन्होंने कहा था, “मैं स्मृति ईरानी से मिलना चाहती हूं और पूछना चाहती हूं कि 'आपने किस आधार पर मेरे बेटे को देश-विरोधी करार दिया है? आपके मंत्रालय लिख चुका है कि मेरा रोहित और अन्य दलित छात्र राष्ट्र-विरोधी चरमपंथी थे. आपने कहा कि वह दलित नहीं था. आपने उस पर झूठा प्रमाण पत्र प्राप्त करने का दोष लगाया है. क्या मुझे यह कहना चाहिए कि यह सब इस कारण है कि आपने अपना शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र झूठा प्राप्त किया है और आपको लगता है कि दूसरे भी ऐसा ही करते हैं?”

बसपा मुखिया मायावती ने स्मृति ईरानी पर गलत तथ्य पेश करने का आरोप लगाया था

वासनिक कहते हैं, “अपना बेटा खो चुकी एक मां के भाजपा और विशेष तौर पर मानव संसाधन विकास मंत्री की कैम्पस राजनीति के खिलाफ इतने कड़े शब्द दर्शाते हैं कि उनकी पार्टी कितने बेधड़क तरीके से और निर्दयतापूर्वक मतभेद रखने वालों की आवाज को दबा रही है."

वासनिक, जो खुद एक दलित हैं, ने कहा कि ईरानी का भाषण इस बात का प्रतिरूप था कि भाजपा किस तरह दलितों और गरीबों के खिलाफ एक युद्ध छेड़ रही है.

पहले बसपा मुखिया मायावती ने ईरानी पर गलत तथ्य पेश करने और भाजपा पर दलित-विरोधी होने का आरोप लगाया था.

क्या ईरानी ने संसद को गुमराह किया?

इसी बीच, गौड़ा कहते हैं कि हो सकता है सदन में मंत्री जानबूझकर गलत तथ्यों पर आधारित सूचना लाई हों.उन्होंने कहा कि, "सिर्फ तथ्य ही गलत नहीं थे, बल्कि अगर आप उस नाटक को विस्तार से देखें तो वह सदन को गुमराह करने और मुद्दे को भटकाने की सोची-समझी कोशिश थी.” उन्होंने यह भी संकेत किया कि ईरानी कैसे "हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रों को राष्ट्र विरोधी बताने के लिए किस हद तक गईं और पुलिस एवं वेमुला की जांच करने वाले डॉक्टर के बारे में किस तरह गलत तथ्य पेश किए. उनके बयान मंत्री के बयानों से पूरी तरह अलग हैं.”

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वासनिक की भावुकता पहले भी सामने आई थी. उन्होंने कहा था, “मानव संसाधन विकास मंत्री ने न सिर्फ सच्चाई के साथ खिलवाड़ किया, बल्कि नौजवान दलित छात्र रोहित वेमुला की दुर्भाग्यजनक आत्महत्या पर उन्होंने जानबूझकर संसद को गुमराह किया.”

वामपंथी दल स्मृति ईरानी के खिलाफ लाए जाने वाले विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का साथ देंगे

शुक्रवार को सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने राज्यसभा के उपाध्यक्ष से पूछा था कि इस पर एक नियम बनाने की जरूरत है, जिसे वे बिना उचित जांच-पड़ताल के संसद में दस्तावेज पेश करने की खतरनाक आदत बताते हैं. वे ईरानी के बारे में जिक्र कर रहे थे, जो रोहित वेमुला के फेसबुक अकाउंट से ली गई एक पोस्ट के बारे में बोल रही थीं.

पूरे विपक्ष के नेता विशेषाधिकार हनन का कदम उठाने में साथ देने का मन बना चुके हैं. एनसीपी के डीपी त्रिपाठी ने कैच को बताया, "हम इसमें साथ देंगे.” सीपीआई सांसद डी राजा ने कहा कि इसकी बहुत संभावना है कि वामपंथी दल भी इस कदम में साथ देंगे. उन्होंने कैच को बताया, "हम विचार-विमर्श करेंगे और फिर कोई अंतिम निर्णय लेंगे.”

First published: 28 February 2016, 22:16 IST
 
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