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ओआरओपी: सैनिक की आत्महत्या और दिल्ली की सड़कों पर सियासी पैंतरेबाजी

आकाश बिष्ट | Updated on: 3 November 2016, 7:50 IST

सेना के रिटायर्ड सूबेदार राम किशन ग्रेवाल ने बुधवार को वन रैंक वन पेंशन विवाद पर तंग आकर ख़ुदकुशी कर ली. उनके इस जानलेवा कदम ने राजधानी दिल्ली में दिनभर का सियासी बखेड़ा खड़ा कर दिया.

जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कइयों को दिल्ली पुलिस हिरासत में लेती गई. पुलिस ने न सिर्फ इन नेताओं को मृत फौजी राम किशन के घरवालों से मिलने से रोका, बल्कि उनकी पिटाई भी कर दी.

इस कार्रवाई पर गुस्साया विपक्ष भाजपा के ख़िलाफ लामबंद हो गया और इसे भारतीय सेना पर उनका दोहरा रवैया करार दिया. यह एकजुट विपक्ष फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश और भारतीय सेना से माफ़ी की मांग करने लगा जिन्होंने दावा किया था कि वन रैंक वन पेंशन स्कीम लागू कर दी गई है.

राम किशन ग्रेवाल ने अपने सुसाइड नोट में दावा किया है कि उन्हें ओआरओपी के तहत बढ़ी हुई पेंशन नहीं मिली है. उन्होंने यह भी लिखा कि वह उन हजारों रिटायर्ड फौजियों में से हैं जिन्हें इस स्कीम का फायदा नहीं मिला. इस सुसाइड नोट ने आख़िर में लिखा है, 'मैं अपनी जान अपने देश, मातृभूमि और देश के वीर जवानों के लिए कुर्बान कर रहा हूं.'

दिग्गज हिरासत में

यह विवाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के नाते पैदा हुआ जो मृतक फौजी के घरवालों से मिलने की कोशिश कर रहे थे. सच तो यह है कि उन्हें महज़ चार घंटे की अवधि में दिल्ली पुलिस ने दो बार हिरासत में लिया. इसी तरह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी पीड़ित परिवार से मिलने से रोका और हिरासत में लिया गया.

राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के फौरन बाद एक वीडियो भी सामने आया. इसमें राम किशन के घरवाले राहुल गांधी से बता रहे हैं कि दिल्ली पुलिस ने कैसे उनके साथ मार-पिटाई और गाली-गलौज की. दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है.

इसके बाद कांग्रेस नेता और पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने एक ट्वीट किया, 'गृहमंत्री को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को हटा देना चाहिए. अगर वह ऐसा करने में अक्षम हैं तो उन्हें ख़ुद इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.'

रामकिशन के घरवालों को हिरासत में लिए जाने पर राहुल गांधी ने इसे शर्मनाक और मोदी सरकार की आलोकतांत्रिक मानसिकता करार दिया. गुस्साए गांधी ने पुलिसवालों से कहा, 'क्या तुम्हें शर्म नहीं आती? यह एक रिटायर्ड फौजी का बेटा है और तुम इन्हें गिरफ़्तार कर रहे हो?'

अरविंद केजरीवाल ने अपनी तीखी टिप्पणी में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला. उन्होंने पीएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि वन रैंक वन पेंशन स्कीम के लागू होने के बारे में प्रधानमंत्री झूठ बोल रहे हैं. केजरीवाल ने कहा कि मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने सवाल किया, 'अगर ओआरओपी स्कीम लागू हो गई होती तो राम किशनजी ख़ुदकुशी क्यों करते?'

उन्होंने यह भी दावा किया कि मोदी सरकार अपने राजनीतिक फायदे के लिए सेना का बेजा इस्तेमाल कर रही है. साथ ही यह भी कि सरकार जिस धूर्तता से जवानों को इस्तेमाल कर रही है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.

अभूतपूर्व! एक मुख्यमंत्रीको उसी के राज्य में हिरासत में ले लिया गया. वह आज़ादी के साथ कहीं आ-जा नहीं सकते

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने भी कहा कि वन रैंक वन पेंशन स्कीम लागू होने के मामले में प्रधानमंत्री झूठ बोल रहे हैं. अगर स्कीम लागू हुई होती तो यह घटना नहीं होती. उन्होंने कहा, 'अगर जवानों के प्रति जरा भी निष्ठा और सहानुभूति है तो मैं प्रधानमंत्री से विनम्र निवेदन करूंगा कि ओआरओपी पर झूठ बोलने के नाते वह पीड़ित परिवार और देश से माफी मांग लें.

यहां तक कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी समर्थन दिया. उन्होंने ट्वीट किया, 'बेहद अफ़सोस की बात है कि हमारे जवान ने ख़ुदकुशी कर ली. दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि राहुल गांधी और मनीष सिसोदिया को दुख में डूबे पीड़ित परिवार से मिलने से रोका गया.'

बनर्जी ने यह भी जोड़ा, 'हो क्या रहा है? अभूतपूर्व. एक मुख्यमंत्रीको उसी के राज्य में हिरासत में ले लिया गया. वह आज़ादी के साथ कहीं आ-जा नहीं सकते. अभूतपूर्व.' ममता बनर्जी ने हालात का जायज़ा लेने के लिए अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों को दिल्ली रवाना किया है.

प्रधानमंत्री पर हमलावर विपक्ष

यह राजनीतिक तमाशा पूरा दिन तब तक चला, जब तक दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और केजरीवाल समेत बाकियों को शाम को रिहा नहीं कर दिया. तिलक मार्ग थाने से बाहर निकलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि भारत सरकार को अपने देश के नागरिकों और जवानों का आदर करना चाहिए.

मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने पूछा कि क्या एक पीड़ित परिवार को सांत्वना व्यक्त करने के लिए उनसे मिलने जाना उनकी गलती थी? उन्होंने कहा, 'मैं उनसे मिलना चाहता था मगर क्या यह गलत है?'. साथ में उन्होंने यह भी जोड़ा, 'यह देश को चलाने का तरीक़ा नहीं है.'

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला भी उन लोगों में शामिल थे जिसे दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री को आत्मविश्लेषण करना चाहिए और जिस ऊंचे तख़्त पर वह बैठे हैं, उससे नीचे उतर आना चाहिए. उन्हें उन लोगों की तकलीफ़ें और दर्द दिखाई नहीं दे रही हैं जिनके नाम की वह राजनीति करते हैं. जब ऐसे लोगों को इंसाफ़ देने का मौक़ा आता है तो वह उन्हें और उनके परिवारों को बेहद असम्मानित और अपमानित महसूस करवाते हैं.  

सेना पर भाजपा की दोमुंही बातें

वहीं भाजपा का आरोप है कि यह सबकुछ उत्तर प्रदेश और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों में राजनीतिक हित साधने के लिए किया जा रहा है. 29 सितंबर को एलओसी पर जबसे सर्जिकल स्ट्राइक हुई है, बहुत सारे नेताओं ने इस स्ट्राइक पर खुलकर राजनीति की है. भाजपा ने कहा है कि जो भी लोग सवाल उठा रहे हैं, दरअसल वे भारतीय सेना का अनादर कर रहे हैं.

मगर बुधवार को राम किशन की ख़ुदकुशी ने भारतीय जनता पार्टी को बैकफुट पर ला खड़ा किया गया है. वहीं विपक्ष ने अपनी तोप का मुंह सीधे बीजेपी की तरफ़ कर रखा है कि वह रिटायर्ड फौजियों और उनके घरवालों के साथ किस तरह का रवैया अख़्तियार करती है.

विपक्ष ख़ासकर कांग्रेस दिखाना चाहती है कि कैसे बीजेपी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे को हल्का कर दिया है. यह भी कि किस तरह बीजेपी ने सर्जिकल स्ट्राइक के शोरशराबे में सेवा के दौरान विकलांग हुए जवानों की पेंशन में कटौती कर दी है. सेना के जवानों और असैनिक कर्मचारियों का दरजा घटा दिया है.

कुल मिलाकर ग्रेवाल के घरवालों के साथ दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के रवैये पर कांग्रेस हमलावर है. जिसे ग्रेवाल के लिए मौत के लिए सीधे तौर पर ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है.

First published: 3 November 2016, 7:50 IST
 
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