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विज्ञापन घोटाला: एमपी में फर्जी वेबसाइटों पर लुटाए 14 करोड़

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 May 2016, 15:43 IST

मध्य प्रदेश में सरकारी विज्ञापनों के बंदरबांट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. यहां 234 फर्जी वेबसाइटों पर राज्य सरकार ने करीब 14 करोड़ रुपये लुटा दिए. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है. 

अखबार के मुताबिक इस विज्ञापन घोटाले में ऐसे लोग शामिल हैं, जो या तो पत्रकार हैं, या फिर उनके दोस्त और रिश्तेदार ये वेबसाइट चला रहे हैं. ज्यादातर ऐसी वेबसाइट हैं, जो या तो बंद पड़ी हैं या फिर महीनों से अपडेट नहीं हुई हैं.

234 वेबसाइटों का फर्जीवाड़ा

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से 2012 से 2015 के बीच दस हजार से लेकर 21 लाख 70 हजार रुपये के विज्ञापनों की सूची तैयार की गई थी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में ये हैरान कर देने वाली जानकारी सामने आई है. 

कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने ये मुद्दा राज्य विधानसभा में उठाया. रिपोर्ट के मुताबिक 26 वेबसाइट को दस लाख से ज्यादा का सरकारी विज्ञापन मिला है.

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उन्होंने सवाल किया था कि सरकार की ओर से विज्ञापन उन्हीं वेबसाइट को जारी किए जाने चाहिए, जो असल में पत्रकारों द्वारा चलाई जा रही हैं. विज्ञापन उन्हीं लोगों को क्यों दिया जा रहा है, जो बीजेपी से जुड़े हैं. इस तरह से मीडिया की स्वतंत्रता खत्म होती है. 

फर्जी नाम-पते से संचालन

इनमें कम से कम 18 वेबसाइट ऐसी हैं, जो कई अखबारों से जुड़े पत्रकारों के रिश्तेदारों द्वारा संचालित की जा रही हैं. इनको पांच लाख से 10 लाख रुपये के सरकारी विज्ञापन मिले हैं.

इनमें से भी कम से कम 33 वेबसाइट ऐसी हैं, जिन्हें सरकार की तरफ से आवंटित स्थानों से चलाया जा रहा है.

234 में से ज्यादातर वेबसाइट ऐसी हैं, जिनमें न तो पते की पूरी जानकारी है, न ही ये बताया गया है कि इन्हें संचालित कौन कर रहा है.   

फैलान डॉट कॉम वेबसाइट को 18.70 लाख, देशभक्ति डॉट कॉम को 8.75 लाख, राष्ट्रवाद डॉट कॉम को 8.25 लाख, सिटी चौक डॉट कॉम को 11.90 लाख और प्रकल्प नाम की वेबसाइट को 10.60 लाख रुपये के विज्ञापन दिए गए. 

नीचे हम कुछ वेबसाइट के नाम दे रहे हैं, जो विज्ञापन फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सवालों के घेरे में हैं.

  1. एमपी न्यूज़ ऑनलाइन डॉट कॉम
  2. बर्निंग न्यूज़ डॉट ओआरजी
  3. दखल डॉट नेट
  4. वेब ख़बर डॉट कॉम
  5. एमपी पोस्ट डॉट कॉम
  6. सोशल मीडिया एमपी डॉट कॉम
  7. भारती सेवा डॉट कॉम
  8. खबर मेल डॉट कॉम
  9. ख़बर सबकी डॉट कॉम
  10. बवंडर डॉट कॉम
  11. गर्भनाल डॉट कॉम 

एमपी के पीआरओ की सफाई

इस मामले में मध्य प्रदेश के पीआरओ कमिश्नर अनुपम राजन का कहना है कि वेबसाइट नया न्यूज़ मीडिया है. हमें इससे कोई मतलब नहीं कि वेबसाइट कौन संचालित कर रहा है.

राजन का कहना है कि केवल पॉपुलरिटी के आधार पर विज्ञापन दिया जाता है. उनके गूगल एनेलिटिक्स की रिपोर्ट में पेज हिट्स, यूजर्स के हिसाब से उन्हें विज्ञापन जारी किए जाते हैं. अगर विज्ञापन देने के बाद वेबसाइट बंद हो जाए तो हम कुछ नहीं कर सकते.

First published: 9 May 2016, 15:43 IST
 
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