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चिदंबरम: मोदी सरकार मेरी आवाज़ दबाना चाहती है

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 May 2017, 11:05 IST

पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. चिदंबरम का कहना है कि मोदी सरकार सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों की मदद से मेरी आवाज दबाना चाहती है.

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के घर पर मंगलवार सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने छापा मारा. सीबीआई ने चिदंबरम के चेन्नई स्थित निवास और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के कराईकुड़ी के घर में छापा मारा है. इसके बाद पूरे देश में राजनीतिक भूचाल आ गया है.

सीबीआई की छापेमारी पर चिदंबरम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मोदी सरकार इन छापों के ज़रिए उनकी आवाज़ दबाना चाहती है. इसलिए देश की जांच एजेंसियों की मदद से सरकार उनके बेटे और दोस्तों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है."

चिदबंरम ने अपने ऊपर लगेे आरोपों को गलत बताया है. उनका कहना है कि INX मीडिया समूह को एफआईपीबी की हर मंजूरी कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक हुई है. मैंने तत्कालीन विभाग के पांच महासचिवों के मंज़ूरी के बाद इसे हरी झंडी दी है.

चिदंबरम ने कहा कि मोदी सरकार मुझे चुप कराना और मेरे लिखने पर रोक लगाना चाहती है, जैसा कि उसने तमाम विपक्षी नेताओं, पत्रकारों, स्तंभकारों, एनजीओ और नागरिक संगठनों के साथ किया है. उन्होंने कहा कि इसके बाबजूद वो मैं बोलना और लिखना बंद नहीं करने वाला हूं.

16 ठिकानों पर छापेमारी 

जानकारी के अनुसार यह मामला आईएनएक्स मीडिया से जुड़ा है. सीबीआई ने चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति के 16 ठिकानों पर छापेमारी की है. बताया जा रहा है कि ये छापेमारी INX मीडिया समूह मंजूरी को लेकर है. चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने INX को मंजूरी दिलाने में मदद की थी. 

कार्ति चिदंबरम की कंपनी पर रिश्वत लेकर INX मीडिया को क्लियरेंस में मदद करने का आरोप है. बताया जा रहा है कि दिल्ली, नोएडा, गुड़गांव और मुंबई स्थित कई ठिकानों पर छापे की कार्रवाई हुई है.

क्यों हुई छापेमारी ?

पीटर मुखर्जी के INX मीडिया समूह के फंड को FIPB के जरिये मंजूरी दी गई थी. उस दौरान पी चिदंबरम विभाग के मंत्री थे. सोमवार को सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें इंद्राणी मुखर्जी, पीटर मुखर्जी और कार्ति चिदंबरम का भी नाम शामिल था.

चेन्नई में चिदंबरम के घर समेत कई दफ्तरों में भी छापे मारे गए हैं. बताया जा रहा है कि सीबीआई दिल्ली में भी छापे मार सकती है. यूपीए सरकार के दौरान इस मामले की जांच रुक गई थी, जिसे अब दोबारा शुरू किया गया है.

कार्ति को ऐसे मिले थे पैसे और शेयर

सूत्रों के मुताबिक, 2008 में पीटर मुखर्जी की कंपनी आईएनएक्स मीडिया की ओर से कार्ति चिदंबरम को पैसे दिए गए थे. उनकी कंपनी एडवांटेज स्ट्रेटिजिक कंसल्टिंग और उससे जुड़ी कंपनियों को शेयर अलॉट किए गए थे. पीटर मुखर्जी की आईएनएक्स मीडिया ने कैश में यह इंस्टालमेंट दिया था, जो कि कई हिस्सों में दिया गया था. इस दौरान 60 लाख शेयर लंदन की एक कंपनी आर्टेविया डिजिटल यूके लिमिटेड से कार्ति की कंपनी में ट्रांसफर किए गए थे.

इसके अलावा 22 सितंबर, 2008 को कार्ति की एडवांटेज स्ट्रेटिजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को आईएनएक्स मीडिया की ओर से 35 लाख रुपये मिले थे, इस कंपनी ने उस दौरान 220 मिलियन डॉलर के FIPB की मंजूरी के लिए आवेदन दिया था, ठीक उसी दिन INX मीडिया ने नॉर्थ स्टार सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन को 60 लाख रुपये दिए थे.

रेड में जब्त हार्ड डिस्क से हुआ खुलासा

इससे पहले इनकम टैक्स ने रेड के दौरान कार्ति की कंपनी की हार्ड डिस्क भी सीज़ की गई थी. जिसमें पाया गया था कि कार्ति की कंपनी को पैसा आईएनएक्स मीडिया की ओर से मिला था. जिसमें FIPB के पास इसके कागज मंजूरी के लिए आए तो उस दौरान चिदंबरम वित्त मंत्री थे.

First published: 16 May 2017, 11:05 IST
 
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