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मशहूर वैज्ञानिक और शिक्षाविद् प्रोफेसर यशपाल का निधन

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 July 2017, 11:34 IST

भारत के मशहूर वैज्ञानिक और शिक्षाविद् प्रोफेसर यशपाल का 90 साल की उम्र में निधन हो गया है. प्रोफेसर यशपाल का निधन राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में हुआ. प्रोफ़ेसर यशपाल लंबे समय से बीमार चल रहे थे.

कॉस्मिक किरणों पर प्रोफ़ेसर यशपाल की स्टडी को विज्ञान की दुनिया में बड़े योगदान के तौर पर देखा जाता  है. भारत सरकार ने उन्हें साल 2013 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया था. इससे पहले उन्हें साल 1976 में पद्म भूषण से भी नवाजा गया था. यशपाल ने पंजाब यूनिवर्सिटी से साल 1949 में फिजिक्स से ग्रेजुएशन किया और फिर साल 1958 में मैसेचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेकनोलॉजी से फिजिक्स में ही PHD की. 

यशपाल उन लोगों में से थे, जिन्हें भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जा सकता है. साल 1972 में जब भारत सरकार ने पहली बार अंतरिक्ष विभाग का गठन किया था, तो अहमदाबाद नए गठित किए गए स्पेस एप्लिकेशन सेंटर के डायरेक्टर की जिम्मेदारी उन्हें ही सौंपी गई थी. ये 1973 की बात है.

NCERT ने जब नेशनल करीकुलम फ्रेमवर्क बनाया, तब यशपाल को इसका चेयरपर्सन बनाया गया. हायर एजुकेशन में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 2009 में यशपाल कमेटी बनाई. कमेटी ने हायर एजुकेशन में काफी बदलाव के सुझाव दिए.

प्रोफ़ेसर यशपाल 1986 से 1991 तक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के चेयरमैन भी रहे. यशपाल दूरदर्शन पर टर्निंग पाइंट नाम के एक साइंटिफिक प्रोग्राम को भी होस्ट करते थे.

First published: 25 July 2017, 11:34 IST
 
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