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पठानकोट में पाकिस्तानी जांच टीम

सुधाकर सिंह | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST

दो जनवरी को पठानकोट में हुए आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में पाकिस्तान की ज्वाइंट इंवेस्टिगेशन टीम (जेआईटी) भारत में है. पांच सदस्यों वाली पाकिस्तानी जांच टीम की अगुवाई पंजाब प्रांत के काउंटर टेररिज्म के एआईजी मुहम्मद ताहिर राय कर रहे हैं.

पाकिस्तानी जेआईटी, भारतीय जांच एजेंसी एनआईए की निगरानी में जांच के लिए पठानकोट एयरबेस पहुंची. एनआईए पाकिस्तानी अफसरों को उसी रास्ते से ले गई जहां से दो जनवरी को आतंकी घुसे थे.

पहली बार


इससे पहले पाकिस्तानी जांच टीम ने दिल्ली में सोमवार को भारतीय जांच अधिकारियों के साथ मुलाकात की. ये पहली बार है जब देश में हुए किसी आतंकी हमले की जांच के लिए पाकिस्तान से टीम भेजी गई है.

पाकिस्तानी जांच टीम की सुरक्षा में पंजाब पुलिस को तैनात किया गया है. JIT में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के अफसर तनवीर अहमद, लाहौर के इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल मोहम्मद अज़ीम अरशद, मिलिट्री इंटेलिजेंस के लेफ्टिनेंट कर्नल इरफान मिर्जा और गुजरांवाला से जांच अधिकारी शाहिद तनवीर शामिल हैं.

एयरबेस पर कांग्रेस का प्रदर्शन


धागू गांव के पास स्थित इंडियन एयर फोर्स के बेस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं. इस बीच पाकिस्तानी जेआईटी के दौरे का विरोध भी हो रहा है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एयरबेस के पास विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने जेआईटी के दौरे पर हैरानी जताते हुए कहा कि दोषियों को ही जांच की इजाजत दी गई है.

केजरीवाल बोले, शहादत से सौदेबाजी


पाकिस्तानी जेआईटी में आईएसआई अफसर तनवीर अहमद की मौजूदगी पर कांग्रेस के साथ ही आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट में लिखा है कि आईएसआई को बुलाकर मोदी सरकार ने पाकिस्तान के आगे घुटने टेक दिए.

केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने शहीदों की शहादत के साथ सौदेबाजी की है. वहीं केंद्र सरकार ने साफ किया है कि पाकिस्तानी जांच टीम को एक निश्चित दायरे में ही छानबीन की इजाजत दी गई है. इसमें केवल वही इलाका शामिल है जहां सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी.

पठानकोट पहुंचे दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार का ये कदम शर्मनाक और धक्का पहुंचाने वाला है. कपिल मिश्रा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 35 साल में पहली बार हम मान रहे हैं कि ISI आतंकियों की मदद नहीं करती.  इस बीच पाक

जेआईटी के दौरे के वक्त मीडिया को कवरेज से दूर रखा गया.

तय दायरे में ही जांच की इजाजत


एयरबेस के अहम इलाके पर पाकिस्तानी अफसरों की नजर ना पड़े इसके लिए कुछ हिस्सों को टेंट से कवर किया गया है. जेआईटी की टीम की एयरबेस में एंट्री के लिए दीवार तोड़कर नया दरवाजा बनाया गया है. संवेदनशील पठानकोट एयरबेस के ज्यादातर अहम इलाकों को टेंट लगाकर कवर किया गया.

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का कहना है कि पाक टीम को एनकाउंटर वाली जगह जाने की इजाजत दी गई है. पाकिस्तानी जेआईटी को वीडियोग्राफी की मनाही है. पाकिस्तानी टीम उस रूट का भी जायजा ले रही है जहां से पुलिस अफसर सलविंदर सिंह और उनके साथियों को अगवा किया गया था.

चार दिन तक चली थी मुठभेड़


इस साल की शुरुआत में दो जनवरी को पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में चार आतंकवादी मारे गए थे. करीब 80 घंटे तक चले एनकाउंटर के दौरान सात सुरक्षाकर्मी भी शहीद हुए थे. मुठभेड़ के बाद केंद्र सरकार की पाकिस्तान नीति पर भी सवाल उठे थे.

First published: 29 March 2016, 2:41 IST
 
सुधाकर सिंह @sudhakarsingh10

सीनियर कॉपी एडिटर, कैच हिंदी

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