Home » इंडिया » Pakistani High Commission spy told to 16 another employee involved in spying
 

पाक उच्चायोग के संदिग्ध जासूस का कबूलनामा, 16 और कर्मचारी भी जासूसी में शामिल

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST
(एजेंसी)

भारत सरकार के द्वारा जासूसी के आरोप में निकाले गए पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी ने खुलासा किया है कि उच्चायोग के 16 और कर्मचारी जासूसी के गिरोह से जुड़े हैं.

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि इंटेलिजेंस एजेंसियों से मिलकर की गई इसकी पूछताछ के दौरान भारत से निष्कासित पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी महमूद अख्तर ने कबूला है कि उसके अलावा उच्चायोग के 16 और भी कर्मचारी जासूसी रैकेट के साथ जुड़े हुए हैं.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक ये लोग आर्मी और बीएसएफ की तैनाती से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां जुटाने के लिए जासूसों के संपर्क में हैं.

जांच से जुड़े दिल्ली पुलिस के एक आला अफसर का कहना है कि महमूद अख्तर के खुलासे की प्रामाणिकता जांची जा रही है. इसके लिए दिल्ली पुलिस विदेश मंत्रालय से मदद भी मांग सकती है.

वहीं दूसरी ओर क्राइम ब्रांच की टीम इस मामले में इस समय राजस्थान के विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर रही है ताकि अख्तर को संवेदनशील जानकारियां और दस्तावेज मुहैया कराने वाले स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया जा सके. गौरतलब है कि पाक उच्चायोग के कर्मचारी अख्तर इस जासूसी रैकेट का सरगना था.

बताया जा रहा है कि क्राइम ब्रांच की दो टीमें अन्य गिरफ्तार आरोपियों मौलाना रमजान, सुभाष जांगिड़ और शोएब के साथ अर्द्धसैनिक बलों के उन कर्मियों को तलाश रही हैं, जिन पर महत्वपूर्ण जानकारियां लीक करने का शक है.

इस संबंध में वहां दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ हो रही है. पूछताछ करने वाले अफसर का कहना है कि इस रैकेट में कुछ रिटायर्ड आर्मी अफसरों के भी शामिल होने का शक है.

पिछले सप्ताह समाजवाद पार्टी के राज्यसभा सांसद मुनव्वर सलीम के निजी सहायक फरहत खान को जासूसी रैकेट के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है. पाकिस्तान हाई कमीशन के स्टाफ को 29 अक्तूबर को दिल्ली में गोपनीय दस्तावेज हासिल करते हुए पकड़ा गया था.

रमजान और जांगिड़ राजस्थान के नागौर के रहने वाले वाले हैं. इन्हें भी अख्तर के साथ गिरफ्तार किया गया था. अन्य आरोपी शोएब को जोधपुर में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद उसे भी दिल्ली लाया गया था.

First published: 2 November 2016, 11:55 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी