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जैसलमेर में पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, 35 किलो आरडीएक्स भारत पहुंचाने का शक

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 August 2016, 11:47 IST
(सांकेतिक तस्वीर)

राजस्थान में पाकिस्तान के जासूसी और आतंकी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है. पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत आए एजेंट नंदलाल महाराज को इंटेलिजेंस ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है.

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान से लगती पाकिस्तान सीमा से अलग-अलग जगहों से अब तक 35 किलो आरडीएक्स भारत में पहुंचाया जा चुका है. आईबी, रॉ और राजस्थान की इंटेलिजेंस एजेंसी ने इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. 

एजेंट नंदलाल से डायरी बरामद

गिरफ्तार पाकिस्तानी एजेंट के पास से एक डायरी भी बरामद हुई है, जिसमें सारा ब्यौरा लिखा है. इसमें लिखा हुआ है कि कब-कब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी उसके खाते में पैसे डालती थी. काम के बदले में आईएसआई उसे 10 से लेकर 60-70 हजार तक देती थी.

आरोपी नंदलाल का पूरा परिवार पाकिस्तान में है, लेकिन पैसों के लालच में वो पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के लिए तैयार हो गया.

पाकिस्तान के खिप्रो सानगढ़ का निवासी

नंदलाल महराज की उम्र 26 साल है और वह पाकिस्तान के खिप्रो सानगढ़ का रहने वाला है. खुफिया सूत्रों के मुताबिल वो पाकिस्तान में टेक्सटाइल का शोरूम चलाता है, जिसकी रोज की आमदनी तीन हजार रुपये है.

बताया जाता है कि पकड़े गए नंदलाल की पत्नी और बच्चे पाकिस्तान में रह रहे हैं. एजेंट के पास से दो मोबाइल सेट और दर्जनों पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं. इसकी मदद से वह सरहदी इलाके में जाकर पाकिस्तान बात करता था.

खुफिया एजेंसियां नंदलाल महाराज से जैसलमेर में पूछताछ कर रही हैं. हालांकि, अब तक ये पता नहीं चल पाया है कि इसके हाथ से निकला आरडीएक्स कहां-कहां पहुंचा है, क्योंकि उसे आगे के नेटवर्क के बारे में कोई जानकारी नहीं है. 

सैन्य ठिकानों के नक्शे मिले

नंदलाल के पास से बड़ी संख्या में सैन्य ठिकानों के नक्शे और आस-पास के फोन नंबर मिले हैं. आरडीएक्स की बरामदगी के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वायड की टीम वहां पहुंच रही है. 

इस बीच नंदलाल के सात से आठ साथी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही फरार हो गए हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए कवायद की जा रही है.

पाकिस्तानी एजेंट की गिरफ्तारी और खुलासे से यह भी सवाल उठ रहे हैं कि कैसे बीएसएफ की नाक के नीचे से इतनी भारी मात्रा में आरडीएक्स भारत तक पहुंचाया जा सका. 

हिंदू एजेंट के जरिए जासूसी!

कुछ दिनों से आईएसआई ने भारत में जासूसी का अपना तरीका बदला है. ये जानबूझकर ऐसे हिंदू एजेंट चुन रहे हैं, जिनका पहनावा और बोलचाल सरहदी इलाकों में भारत में रहने वाले लोगों से बिल्कुल मिलता हो.

साथ ही सीमा पर पाकिस्तानी मोबाइल नेटवर्क होने से इनको पूरा फायदा मिल रहा है, क्योंकि पाकिस्तानी नेटवर्क से आए कॉल को पकड़ने का भारत में कोई उपाय नहीं है.

सैटेलाइट फोन से करता था बात

खुफिया सूत्रों के मुताबिक संदिग्ध जासूस के पास से सैटेलाइट फोन भी मिले हैं. यह रेगिस्तानी और सुनसान इलाके का फायदा उठाकर सैटेलाइट फोन से पाकिस्तानी हैंडलर से बात कर लेते हैं.

जब तक भारतीय खुफिया एजेंसियां सरहदी इलाके में सैटेलाइट सिग्नल को ट्रेस करके राज्य की पुलिस या इंटेलिजेंस को खबर देती हैं, तब तक पाकिस्तानी एजेंट सैटेलाइट फोन बंद कर उस जगह से जा चुका होता है.

First published: 19 August 2016, 11:47 IST
 
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