Home » इंडिया » Pathankot attack: US can stop Pakistan's help
 

अमेरिका बंद कर सकता है पाकिस्तान की मदद

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:48 IST
QUICK PILL
  • टेक्सास से रिपल्बिकन सांसद टेड पो ने कहा कि अमेरिका को ऐसे देशों की मदद नहीं करनी चाहिए जो आतंकवादियों की मदद करते हैं औऱ परमाणु प्रसार का काम करते हों.
  • पठानकोट वायु सेना स्टेशन पर हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े होने की जानकारी के बाद अब इसके परमाणु प्रसार की बात भी सामने आई है.

अगर अमेरिका ने अपने सांसद की बात मानी तो वो पाकिस्तान को दी जाने वाली अरबों डॉलर की मदद बंद कर देगा. पठानकोट में वायु सेना स्टेशन पर हमला करने वाले जेहादियों के पाकिस्तान से संबंधों की बात सामने आने पर अमेरिकी सांसद ने अमेरिका द्वारा की जा रही पाक की सहायता के फिर से मूल्यांकन की मांग की है.

टेक्सास से रिपल्बिकन सांसद टेड पो ने एक बयान में कहा कि ऐसी सूचना है कि भारत पर इस सप्ताह हमला करने वाले जेहादियों को संभवत: पाकिस्तानी सेना द्वारा प्रशिक्षिण और सहायता दी गई.

कांग्रेस के सदस्य होने के साथ ही टेड पो आतंकवाद, अप्रसार एवं व्यापार संबंधी सदन की विदेश मामलों की उपसमिति के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका को ऐसे देशों की मदद नहीं करनी चाहिए जो आतंकवादियों की मदद करते हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि हम इस वक्त अपने मित्र भारत के साथ खड़े हैं और पाकिस्तान समेत क्षेत्र के सभी देशों से हमलावरों को न्याय के दायरे में लाने के लिए एक साथ मिलकर काम करने की अपील करते हैं.

पो के मुताबिक पठानकोट वायु सेना स्टेशन में आतंकवादी हमला इस बात की याद दिलाता है कि भारत भी कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद का सामना कर रहा है. 

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान ओसामा बिन लादेन को सुरक्षा प्रदान करने से लेकर विश्वभर में गुप्त आतंकवादी अभियानों का समर्थन करके वर्षों से आतंकवादियों को पनाहगाह मुहैया करा रहा है.

पाकिस्तान के परमाणु प्रसार का हुआ खुलासा

पठानकोट वायु सेना स्टेशन पर हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े होने की जानकारी के बाद अब इसके परमाणु प्रसार की बात भी सामने आई है. 

उत्तर कोरिया द्वारा उसके पहले हाइड्रोजन बम के सफल परीक्षण के दावे से करीब एक महीने पहले आठ दिसंबर 2015 को टेड पो ने कहा था, "समझा जाता है कि एक्यू खान नेटवर्क ने दुनिया के सबसे अस्थिर देशों को संवेदनशील परमाणु तकनीकें बेचीं. खान नेटवर्क ने उत्तर कोरिया की उसके यूरेनियम संवर्द्धन कार्यक्रम को कार्यशील बनाने में मदद की. खान ने उसी दौरान लीबिया को भी गोपनीय डिजाइन और परमाणु हथियारों के घटक बेचे."

खान ही पाकिस्तान की परमाणु बम परियोजना से जुड़े यूरेनियम संवर्द्धन कार्यक्रम के जनक हैं.

First published: 8 January 2016, 12:32 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी