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बिहार: बाहुबली विधायक अनंत सिंह के बुरे दिन शुरू, कभी नीतीश कुमार को तौला था चांंदी के सिक्कों से

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 August 2019, 12:10 IST

बिहार के मोकामा विधानसभा सीट से निर्दलीय बाहुबली विधायक अनंत सिंह के बुरे दिन शुरू हो गए हैं. उनके खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है और कभी भी उनकी गिरफ्तारी हो सकती है. दरअसल, उनके पैतृक निवास नदावां से एके 47 और ग्रेनेड बरामद होने के बाद उनपर केस दर्ज किया गया है. पटना जिले के बाढ़ थाने के थानाध्यक्ष के बयान पर उनपर केस दर्ज किया गया है.

इस केस की जांच किसी एएसपी रैंक के अफसर को दी जा सकती है. क्योंकि मामला एक विधायक और अत्याधुनिक हथियार एके 47 और ग्रेनेड की बरामदगी से जुड़ी है. बाढ़ से बाहर के एएसपी रैंक के अफसर को इस केस की जांच सौंपी जा सकती है.

गौरतलब है कि इससे पहले ही हत्या की सुपारी दिए जाने के आरोप में अनंत सिंह का एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसके बाद विधायक का टेस्ट करवाया गया था. इस रिपोर्ट का पुलिस टीम इंतजार कर रही है. वहीं अब AK 47 बरामद होने से विधायक की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं.

 

अनंत सिंह ने आरोप लगाया है कि बिहार की नीतीश सरकार उन्हें फंसाना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार उनके खिलाफ साजिश रच रही है. एके 47 पुलिस ने ही उनके घर में रखी है. उन्होंने आरोप लगाया कि जदयू सांसद ललन सिंह और राज्य के मंत्री नीरज उनके खिलाफ साजिश कर उन्हें फंसाना चाहते हैं.

कौन हैं अनंत सिंह?

एक जमाने में अनंत सिंह नीतीश कुमार के बहुत खासम-खास हुआ करते थे. राबड़ी देवी की सरकार के समय भी उनके घर में छापेमारी हुई थी. तब कई घंटों तक दोनों तरफ से जमकर फायरिंग हुई थी. हालांकि उस समय अनंत सिंह पर नीतीश कुमार और ललन सिंह का आशीर्वाद था. तब वह जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर विधायक थे.

2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान एक जनसभा का आयोजन किया गया था. इस जनसभा में अनंत सिंह ने चांदी के सिक्कों से नीतीश कुमार को तौला था. कार्यक्रम का वीडियो फ़ुटेज काफ़ी चर्चित हुआ था जो नीतीश कुमार के लिए परेशानी का सबब भी बना था.

 

नीतीश कुमार के सत्ता में आने के बाद अनंत सिंह ने पटना में औने-पौने दामों में संपत्ति खरीदना शुरू कर दिया था. मामला कई बार कोर्ट-कचहरी और थाने तक पहुंचा था लेकिन सत्ता का संरक्षण और ललन सिंह का दाहिना हाथ होने के चलते अनंत सिंह का कोई कुछ बिगाड़ नहीं पाया. जब नीतीश कुमार की कृपा से जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री बने थे तब अनंत सिंह ने खुलेआम उनके ख़िलाफ़ जातिवाचक शब्दों का प्रयोग किया था.

2019 लोकसभा चुनाव में ललन सिंह को दी चुनौती

बाद में विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह निर्दलीय चुनाव जीते और माना जा रहा है कि यही उनके लिए दुर्गति का कारण बना. कहा जा रहा है कि अनंत सिंह को गलतफहमी हो गई कि जब वो लालू और नीतीश के महागठबंधन के ख़िलाफ अकेले चुनाव लड़कर जीत सकते हैं, तो वो सांसद भी बन सकते हैं. इस घमंड में जिस ललन सिंह की छाया में उनका साम्राज्य फैला था उन्हीं को साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने चुनौती दे डाली.

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First published: 17 August 2019, 12:10 IST
 
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