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इन रेल हादसों को भी नहीं भुला पाएगा देश

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 November 2016, 13:16 IST
(पीटीआई)

उत्तर प्रदेश के कानपुर के पुखरायां के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन की की 14 बोगियां पटरी से उतर गईं. हादसे में 100 से ज्यादा यात्रियों की दुखद मौत हो गई है. इस दुर्घटना में लगभग 150 लोग घायल भी बताए जा रहे हैं.

बताया जा रहा है कि यह ट्रेन यात्रियों को लेकर इंदौर से पटना जा रही थी. हादसे की जानकारी मिलते ही रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं.

भारतीय इतिहास में इससे पूर्व भी भयंकर रेल हादसे हुए हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. देश उन रेल हादसों को भी आज तक नहीं भूल पाया है.

यहां हम आज उन रेल हादसों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने कई यात्रियों से उनकी जिंदगी छीन ली.

इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन से पहले 20 मार्च 2015 को देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस भी पटरी से उतर गई थी. उस रेल हादसे में भी 34 लोग मारे गए थे.

उससे पूर्व 4 मई, 2014 को दिवा सावंतवादी पैसेंजर ट्रेन नागोठाने और रोहा स्टेशन के बीच पटरी से उतर गई थी. जिसमें 20 लोग मारे गए थे.

28 दिसंबर 2013 को बेंगलुरु-नांदेड़ एक्सप्रेस ट्रेन में आग लग गई थी और इसमें 26 लोग मारे गए थे. आग ट्रेन के एसी कोच में लगी थी.

उसी साल 19 अगस्त को राज्यरानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से बिहार के खगड़िया ज़िले में 28 लोगों की जान चली गई थी.

साल 2012 रेलवे के हादसों का साल रहा. 2012 में कुल 14 रेल हादसे हुए. 30 जुलाई 2012 को दिल्ली से चेन्नई जाने वाली तमिलनाडु एक्सप्रेस के एक कोच में नेल्लोर के पास आग लग गई थी, जिसमें 30 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

उसके पूर्व साल 2011 में 7 जुलाई को उत्तर प्रदेश में एक ट्रेन और बस की टक्कर में 38 लोगों की जान चली गई थी.

वहीं, 2010 में 20 सितंबर को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में ग्वालियर इंटरसिटी एक्सप्रेस एक मालगाड़ी से टकराई. इस टक्कर में 33 लोगों की मौत हो गई.

2010 में ही 19 जुलाई को पश्चिम बंगाल में उत्तर बंग एक्सप्रेस और वनांचल एक्सप्रेस की टक्कर में 62 लोग मारे गये थे.

इससे पहले 28 मई 2010 को पश्चिम बंगाल में ही नक्सली हमले में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पटरी से उतरी गई, जिसके कारण 170 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी.

साल 2010 से 2000 के बीच कई भयंकर रेल हादसों में हजारों लोगों की मौत हुई, जबकि उतने ही लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे.

उससे पूर्व 3 अगस्त, 1999 को रेलवे के इतिहास में बड़ी भीषण घटना हुई. जब दिल्ली जा रही ब्रह्मपुत्र मेल अवध-असम एक्सप्रेस से गैसल, पश्चिम बंगाल में टकराई. इस हादसे में 285 की मौत हो गई थी.

साल 1998 में 26 नवंबर को फ्रंटियर मेल सियालदाह एक्सप्रेस से खन्ना, पंजाब में भीषण टक्कर में 108 लोगों की मौत हो गई थी. साल 1995 में 20 अगस्त को नई दिल्ली जा रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस कालिंदी एक्सप्रेस से यूपी के फ़िरोजाबाद में टकरा गई, जिसमें 250 लोगों की मौत हो गई थी.

साल 1981 में 6 जून को बिहार में तूफान के कारण एक ट्रेन नदी में गिर गई. जिसमें 800 लोगों की मौत हो गई थी.

First published: 20 November 2016, 13:16 IST
 
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