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अमेरिका ने की भारत एंटी-सैटेलाइट मिसाइल की जासूसी?

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 March 2019, 11:10 IST

 

संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग ने उन रिपोर्टों से इनकार किया है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ने भारत के एंटी-सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण विकास की निगरानी के लिए हिंद महासागर में अपने बेस से एक टोही विमान भेजकर निगरानी की थी. पेंटागन ने कहा कि अमेरिका को भारत के मिसाइल के पहले परीक्षण के बारे में पता था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार विभाग के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल डेविड डब्ल्यू ईस्टबर्न ने बताया, "किसी ने भारत में जासूसी नहीं की थी. अमेरिका ने भारत के साथ अपनी स्थायी साझेदारी का विस्तार करना जारी रखा है. सैन्य विमानों की आवाजाही पर नज़र रखने वाले एयरक्राफ्ट स्पोट्स ने बुधवार को रिपोर्ट दी थी कि अमेरिकी वायु सेना के टोही विमान भारत के एंटी-सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण की निगरानी के लिए बंगाल की खाड़ी में एक मिशन के लिए हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया से रवाना हुए थे.

 

हार्वर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के खगोल विज्ञानी जोनाथन मैकडॉवेल ने कहा: "मुझे नहीं लगता कि यह भारत और अमेरिका के बीच समन्वय का तात्पर्य है. इसका तात्पर्य यह है कि अमेरिकी खुफिया समुदाय को पहले से ही परीक्षण के बारे में पता था क्योंकि कुछ हद तक वे भारत पर जासूसी कर रहे हैं." पेंटागन ने जासूसी के आरोप से इनकार किया.

वायु सेना के अंतरिक्ष कमांड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डेविड डी थॉम्पसन ने गुरुवार को अमेरिकी कांग्रेस को बताया कि अमेरिका भारत के एएसएटी परीक्षण से अवगत था. थॉम्पसन ने कहा, "सबसे पहले, यह एयर फोर्स मिसाइल वार्निंग सिस्टम और एयरमेन द्वारा बकले एएफबी [एयर फोर्स बेस] का पता लगाया गया, इसकी विशेषता और रिपोर्ट की गई."

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पेंटागन ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका भारत द्वारा एंटी-सैटेलाइट मिसाइल के परीक्षण-फायरिंग से उत्पन्न अंतरिक्ष में मलबे के 250 से 270 टुकड़ों को ट्रैक कर रहा है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन या आईएसएस के लिए खतरा नहीं है.

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First published: 30 March 2019, 11:10 IST
 
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