Home » इंडिया » Phone tapping case: Ex-Essar employee slams lawyer Uppal who, in turn, shows emails to establish link
 

एस्सार फोन टैपिंग: पूर्व कर्मचारी ने वकील सुरेन उप्पल के दावे को बताया झूठा

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST

एस्सार फोन टैपिंग के कथित मामले में नया मोड़ आ गया है. एस्सार के जिस पूर्व कर्मचारी का सबूत लेने का दावा वकील सुरेन उप्पल ने किया था, उन्होंने इसे झूठा बताया है.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि 2001 से 2006 के बीच एस्सार कंपनी ने कई वीवीआईपी के फोन टेप किए थे. इनमें पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का स्टाफ, वर्तमान रेल मंत्री सुरेश प्रभु और अंबानी बंधुओं का नाम भी शामिल था.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक एस्सार के पूर्व कर्मचारी अल बासित खान ने वकील सुरेन उप्पल के आरोपों को झूठा करार दिया है.

'पैसे ऐंठने के लिए रची साजिश'

अल बासित खान नाम का आरोप है कि सुरेन उप्पल ने यह सारा खेल रईस लोगों से पैसे ऐंठने के लिए किया है. खान का कहना है कि जब सुरेन की बात को एस्सार कंपनी के अधिकारियों ने अनसुना कर दिया, तो उन्होंने मीडिया का सहारा लेकर एस्सार को बदनाम करने की साजिश रची.

पढ़ें: एस्सार पर अंबानी, सुरेश प्रभु और वाजपेयी पीएमओ स्टाफ का फोन टेप करने का आरोप

वहीं दूसरी तरफ, सुरेन उप्पल अब भी अपनी बात पर टिके हुए हैं. उनका कहना है कि उनके पास अल बासित खान से बातचीत होने के सारे सबूत हैं, जिन्हें वह वक्त आने पर दिखाएंगे.

बासित खान ने दावों को नकारा

सुरेन उप्पल का कहना है कि खान से उनकी कई बार ई-मेल और मैसेज में बात हुई है. वहीं अल बासित खान का कहना है कि उन्होंने कभी भी उप्पल को हायर नहीं किया.

पांच साल तक देश के सबसे अहम माने जाने वाले लोगों के फोन टैपिंग करवाने के आरोपों से घिरे खान ने 'इंडियन एक्सप्रेस' से कहा कि उप्पल मनगढ़ंत कहानी कह रहे हैं और कॉरपोरेट दिगग्जों से उगाही करना चाहते हैं. 

'मुंबई पुलिस के अधिकारी ने दिए टेप'

अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कार में उप्पल के आरोपों को नकारते हुए बासित खान ने कहा है कि उसे बातचीत के टेप मुंबई पुुलिस की क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने दिए थे, जो एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में विख्यात था.

बासित के मुताबिक अब वो पुलिस अधिकारी जीवित नहीं है. एक आतंकवादी हमले में उनकी मौत हो चुकी है. इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बासित ने कहा कि उनके और पुलिस अधिकारी के बीच अच्छी दोस्ती थी. 

क्राइम ब्रांच के अफसर से करीबी

बासित का कहना है, "उन्होंने मुझे कई बार बहुत सारी चीजें रखने के लिए दी थीं. मैं उनके साथ कई निजी और आधिकारिक मामलों में शामिल रहा था."

मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक उस पुलिस अधिकारी और बासित खान की करीबी के बारे में पुलिस महकमे में सबको जानकारी थी, लेकिन किसी को यह नहीं मालूम था कि वह बातचीत की रिकॉर्डिंग करके खान को दे रहा है.

'उप्पल ने पलटा पूरा मामला'

खान का कहना है कि वो सुरेन उप्पल से इस बात पर सलाह-मशविरा कर रहे थे कि इस टेप का क्या किया जाए. बासित खान का कहना है, "तब उप्पल ने कहा कि वह इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे, लेकिन उन्होंने इस मामले को पूरी तरह उलट दिया."

बासित ने अंग्रेजी अखबार से कहा कि उप्पल ने मुझे तनाव में ला दिया है. मैं किसी से मिलने नहीं गया, उप्पल ही सबसे मिला. 

'कभी वकील नहीं बनाया'

बासित खान ने सुरेन उप्पल को जो ई-मेल लिखा है, उसमें कहा गया है, "एस्सार में काम करते हुए अवैध रूप से जासूसी और कॉल रिकॉर्डिंग का जो आरोप मुझ पर लगा है जैसा कि आप वाकिफ हैं, यह पूरी तरह गलत और निराधार है.

मैं जनवरी 2016 के आसपास आपसे मिला और कुछ टेप के संबंध में आपसे सलाह मांगी, जो मुझे मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने अपने पास रखने के लिए दिए थे और जिनकी प्रामाणिकता पर संदेह है.

मैं आपसे इस मसले पर इसलिए मिला था कि आप सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं और मुझे इस विषय पर सही सलाह देंगे. मैंने आपको कभी अपना वकील नियुक्त नहीं किया. ऐसा लगता है कि आपके द्वारा की गई शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया, इसलिए अब आप इसे मीडिया में लाकर मुझ पर दबाव डाल रहे हैं कि इस गलत काम में मैं आपका सहयोग करूं."

क्या है एस्सार फोन टैपिंग केस

स्टील, ऊर्जा समेत कई बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश करने वाले एस्सार ग्रुप पर 2001 से 2006 के बीच कई बड़े नेताओं समेत जानी-मानी हस्तियों के फोन टेप करने का आरोप लगा है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ था.

जिन लोगों के फोन टैप होने की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से की गई है, उसमें कई कैबिनेट मंत्रियों के अलावा उद्योगपति मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी और कई बड़े ब्यूरोक्रेट के नाम भी शामिल हैं.

मल्टीनेशनल कंपनी एस्सार ग्रुप पर आरोप है कि ग्रुप ने पांच साल के दौरान एनडीए और यूपीए सरकार के कई कैबिनेट मंत्रियों के साथ ही मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी जैसे कारोबारी दिग्गजों का फोन टैप किया.

पीएमओ में 29 पेज की शिकायत

सुप्रीम कोर्ट के वकील सुरेन उप्पल ने बीते 1 जून को इस बारे में 29 पेज की एक शिकायत पीएमओ को भेजी है. उप्पल का कहना है कि वह एस्सार समूह के पूर्व कर्मचारी अल बासित खान के वकील हैं, जिस पर कथित तौर पर फोन टैपिंग का आरोप है. 

उप्पल का दावा है कि अल बासित खान के निर्देशन में ही फोन टेपिंग के पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था.

पढ़ें: एस्सार लीक्स: अगर ये टेप सच हैं तो देश में कोर्ट, संसद और अधिकारी सब कुछ कॉर्पोरेट की जेब में है

सुरेन उप्पल का कहना है, "जब फोन कॉल को रिकॉर्ड किया गया, उस दौरान खान एस्सार के सिक्योरिटी हेड थे. उन्होंने कंपनी प्रबंधन से निर्देश मिलने के बाद ऐसा किया था." 

बताया जाता है कि एनडीए सरकार में मंत्री रहे प्रमोद महाजन का फोन भी टैप किया गया था. कुछ फोन टैपिंग टेलीकॉम लाइसेंसिंग के सिलसिले में हुई थी. 

2001 में एस्सार के प्रशांत और रविकांत रुइया ने उसे फोन टेलीकॉम लाइसेंस से जुड़े मामले में फोन टैपिंग करने को कहा था. उप्पल की शिकायत में उन नंबरों का भी साफ तौर पर जिक्र किया गया है, जिनके फोन टैप किए गए.    

अंबानी, वाजपेयी पीएमओ स्टाफ का फोन टैप!

एस्सार पर पूर्व मंत्री प्रफुल्ल पटेल, राम नाईक, रिलाइंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी टीना अंबानी, एडीएजी के चेयरमैन अनिल अंबानी और अमर सिंह जैसे लोगों के भी फोन टैप करने का आरोप है.

इसके अलावा मौजूदा गृह सचिव राजीव महर्षि, आईडीबीआई के चेयरमैन पीपी वोहरा, आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व एमडी और सीईओ केवी कामथ और आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर का नाम भी है.

इस बीच रिलायंस की तरफ से इस मामले पर हैरानी जताई गई है. कंपनी की तरफ से कहा गया, "हम इस बात को सुनकर हैरान हैं. अगर फोन टैपिंग की बात सच है, तो सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए."

First published: 18 June 2016, 10:26 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी