Home » इंडिया » Pilibhit fake encounter: 47 cops held guilty
 

निर्दोष सिखों का एनकाउंटर करने वाले 47 पुलिसकर्मी दोषी करार

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 April 2016, 16:05 IST

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में 25 साल पहले दस सिखों का फर्जी एनकाउंटर करने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 47 पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया है.

इन पुलिसकर्मियों की सजा चार अप्रैल को तय की जाएगी. अदालत के फैसले के बाद वहां मौजूद 20 पुलिसवालों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है जबकि बाकी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें चार अप्रैल तक पेश होने के लिए कहा गया है.

इस मामले में 57 पुलिसकर्मियों को अभियुक्त बनाया गया था जिनमें दस पुलिस वालों की मौत सुनवाई के दौरान हो गई.

सुनवाई के दौरान सीबीआई अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रमोशन और पुरस्कार के लालच में इस घटना को अंजाम दिया गया.

अदालत ने सवाल उठाया कि एक ही जिले के तीन थाना क्षेत्रों में एक साथ एनकाउंटर कैसे हो सकता है? मारे गए लोगों के शव अंतिम संस्कार के लिए घरवालों को क्यों नहीं दिए गए?

क्या है मामला

पीलीभीत में 12 जुलाई 1991 को पटना साहिब और कुछ अन्य स्थलों से सिख तीर्थयात्रियों का एक जत्था बस से लौट रहा था. इस बस में 25 लोग सवार थे.

आरोप है कि दोपहर 11 बजे कछालाघाट पुल के पास पुलिस ने बस रोककर 12 यात्रियों को जबरन उतार लिया. इसके बाद तीन थानों की पुलिस टीमें चार-चार लोगों को अपने साथ ले गईं. अगले दिन तीन थाना क्षेत्रों के जंगलों में मुठभेड़ दिखाकर इन्हें मार गिराया गया.

इसके बाद मारे गए लोगों के परिववारवालों ने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ करने का आरोप लगाया. सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई, 1992 को सीबीआई जांच के आदेश दिए. सीबीआई ने 12 जून, 1995 को विशेष कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की.

कथित मुठभेड़ के समय उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी और कल्याण सिंह मुख्यमंत्री थे.

First published: 2 April 2016, 16:05 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी