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राजस्थान कांग्रेस विवाद : BJP में नहीं जा रहा हूं, न ही किसी नेता से हुई मुलाकात- सचिन पायलट

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 July 2020, 12:27 IST

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने साफ कर दिया है कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल नहीं होने जा रहे हैं. राजस्थान कांग्रेस ने मंगलवार को पायलट पर कार्रवाई करते हुए उन्हें कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष पद से भी हटा दिया था. हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार सचिन पायलट कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के साथ मिलीभगत से भी इनकार किया है. पायलट ने आज के लिए निर्धारित अपनी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी रद्द कर दिया है. मंगलवार को कांग्रेस ने पायलट के साथ खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा और पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह पर कार्रवाई करते हुए उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया था. राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को राजस्थान में नया कांग्रेस प्रमुख बनाया गया है.

इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में सचिन पायलट ने एक सवाल के जवाब में कहा ''मैं अशोक गहलोत से नाराज नहीं हूं. मैं किसी विशेष शक्ति या विशेषाधिकार की मांग नहीं कर रहा हूं. मैं बस इतना चाहता था कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार चुनावों किये में किये वादों को पूरा करे''. पायलट ने कहा ''हमने वसुंधरा राजे सरकार द्वारा अवैध खनन पट्टों के खिलाफ एक अभियान चलाया था, ताकि तत्कालीन भाजपा सरकार को उन आवंटन को रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़े लेकिन सत्ता में आने के बाद गहलोत जी ने कुछ नहीं किया, बल्कि उसी रास्ते पर चले''.


उन्होंने कहा पिछले साल राजस्थान हाई कोर्ट ने 2017 के एक संशोधन को पलटते हुए वसुंधरा राजे को बंगला खाली करने को कहा लेकिन आदेश का अनुपालन करने के बजाय गहलोत ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. पायलट ने कहा ''मैं किसी बीजेपी नेता से नहीं मिला हूं. पिछले 6 महीने से ज्योतिरादित्य सिंधिया से नहीं मिला हूं और ना ही ओम माथुर से मिला हूं''.

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एक सवाल के जवाब में पायलट ने कहा ''बात सिर्फ मुख्यमंत्री बनने की नहीं है, मैंने मुख्यमंत्री पद की बात तब की थी जब मैंने 2018 में पार्टी की जीत की अगुवाई की थी''. पायलट ने कहा ''जब मैंने अध्यक्ष पद संभाला तो पार्टी 200 में से 21 सीटों पर आ गई थी. पांच साल के लिए मैंने काम किया और गहलोत जी ने एक शब्द तक नहीं बोला. चुनाव जीतने बाद गहलोत जी ने मुख्यमंत्री पद के लिए दावा ठोक दिया. अनुभव के मसले पर, उनका क्या अनुभव है?''

सचिन पायलट ने कहा ''मैंने मुख्यमंत्री की मांग नहीं रखी. मैंने सिर्फ यही चाहा है कि आत्मसम्मान के साथ काम करने की जगह मिल सके, जो मुझसे वादा किया गया था''. सचिन पायलट ने कहा ''मैं फिर कहना चाहता हूं कि ये सत्ता की बात नहीं है, ये आत्मसम्मान की बात है''.

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First published: 15 July 2020, 11:59 IST
 
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