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एक सर्टिफिकेट के कारण अटकी PM मोदी कि मिनी-बुलेट 'ट्रेन-18'

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 January 2019, 14:11 IST

देश की बहुप्रतीक्षित और प्रधानमंत्री मोदी का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'ट्रेन-18' विभागीय लड़ाई में फंस गया है. 25 दिसंबर को पीएम मोदी इस ट्रेन को हरी जहंदी दिखाने वाले थे लेकिन रेलवे एक सर्टिफिकेट के इंतजार में इस ट्रेन को शुरू नहीं कर पा रहा है. योजना के अनुसार दिल्ली से वाराणसी तक चलने वाली इस सुपरफास्ट ट्रेन को कुंभ कके पहले शुरू किया जाना था. लेकिन अब इस ट्रेन की शुरुआत कब होगी इस बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है.

समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार बुधवार को इस बारे में रेलवे बोर्ड की मीटिंग हुई, इस मीटिंग में ट्रेन-18 की शुरुआत को लेकर कोई समाधान नहीं निकाला जा सका.इस ट्रेन की शुरूआत को लेकर एक इलेक्ट्र‍िकल इंस्पेक्टर जनरल (EIG) सेफ्टी सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को लेकर रेलवे के इलेक्ट्र‍िकल और मेकैनिकल विंग के बीच घमासान मचा हुआ है. इस विवाद के मद्देनजर रेलवे बोर्ड अब इस मामले को चीफ कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (CCRS) को वापस भेजने पर विचार कर रहा है.

हालांकि पिछले महीने सीसीआरएस ने इस नई ट्रेन को अधिकतम 160 किमी की स्पीड से चलाने के लिए मंजूरी दी थी. लेकिन इस मंजूरी के साथ ही उसने कुछ शर्तें भी लगा दी गईं. इनमें ईआईजी सर्टिफिकेशन और दुर्घटनाओं से बचने के लिए लाइन के किनारे फेन्सिंग यानी जाल लगाने जैसी शर्ते शामिल हैं.

खबरों की मानें तो सीसीआरएस के आदेश में कहा गया है, ''सभी तरह के इलेक्ट्र‍िकल सिस्टम के लिए सेफ्टी सर्टिफिकेशन का काम जोनल रेलवे के ईआईजी के द्वारा किया जाएगा और ट्रेन के संचालन से पहले इसकी रिपोर्ट कमीशन के पास जमा करनी होगी.''

सर्टिफिकेट में अटकी ट्रेन की शुरुआत

जानकारी के अनुसार रेलवे का इलेक्ट्र‍िकल विभाग ईआईजी सर्टिफिकेट के बिना आगे बढ़ने को तैयार नहीं है. लेकिन इस सर्टिफिकेट को लेकर मेकैनिकल विभाग का कहना है कि इंडियन इलेक्ट्र‍िसिटी एक्ट, 2003 के धारा 54 के मुताबिक ट्रेन की शुरुआत के लिए सर्ट‍िफिकेशन जरूरी नहीं है.

First published: 10 January 2019, 14:11 IST
 
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