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Video: जब एक शहीद की कहानी सुनकर रो पड़े पीएम मोदी और सेना अध्यक्ष

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 July 2019, 13:45 IST

Kargil Vijay Diwas के 20 साल होने पर इंदिरा गांधी स्टेडियम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीनों सेनाओं प्रमुखों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे. इस कार्यक्रम में एक पल ऐसा भी आया जब सभागार में मौजूद सभी लोगों की आखें नम हो गई. इस दौरान पीएम मोदी से साथ साथ आर्मी चीफ बिपिन रावत की भी आखें नम नजर आई.

दरअसल, कार्यक्रम के दौरान युवाओं की एक टीम ने अपनी शारीरिक भंगिमाओं के जरिए करगिल युद्ध में शहीद हुए लांस नायक बच्चन सिंह की कहानी बताई जा रही थी. उस दौरान शहीद लांस नायक बच्चन सिंह की पत्नी को स्टेज पर बुलाया गया और उन्हें सम्मानित किया गया. इस दौरान उनके साथ उनके बेटे लेफ्टिनेट हितेश भी मौजूद थे. हितेश अपने पिता की बटालियन में ही अफसर हैं. 

ये थी कहानी: एक सैनिक अपनी बारे में कहता है, जब वो शहीद हो जाए और उसके शव को तिरेंगे में लपेटकर उसके घर लेकर जाया जाए तब, तो अपने बेटे के शव को देखकर मां कहती है, मेरा बेटा आज पहली बार चैन की नींद सोया है. मां को देखकर पिता भी बाहर आएंगे, देखकर अपने बेटे का शव तब उनके कहना की मैंने ऐसा इसलिए किया ताकि मेरा देश जवान रहे. मेरे भाई से कहना कि एक मां यहां आसू बहा रही है दूसरी मां सरहद पर बुला रही है.उसे एक मां का कर्ज उताराना है और दूसरी मां का फर्ज निभाना है.

मेरी बीवी सहमी सी बैठी होगी, उससे कहना कि वो हर साल करवा चौथ रखें और तब तक रखें तब तक आसमान में चांद है. क्या हुआ अगर उसका पति जिंदा नहीं है, उसका देश तो जिंदा है. हो सके तो मेरे पड़ोसियो को भी बुला लेना. वो जब मुझे देख ले तब मुझे जला देना. मेरे जलने के बाद कोई आंसू न बहाए. क्योंकि मैं जलने के बाद इस देश की मिट्टी में मिल जाऊंगा और वापस फूल बनकर खिल जाऊंगा.

कहानी इसके बाद आगे बढ़ती है. इसके बाद शहीद की पत्नी अपने पति के शव को तिंरगें में लिपटा देखकर बिलख तर रोने लगती है. कहती है, मैनें अपना पति खो दिया और वतन ने अपना बेटा. इसके बाद उसको अपने पति का एक खत मिलता है. खत में लिखा होता है, अगर यह खत तुम पढ़ रही हो तो इसका मतलब अब मैं नहीं रहा. लेकिन तुम यह न समझना कि तुम अकेली हो. मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं. मैं देश की ढाल बना और मेरे परिवार की ढाल तुम बनो. हमेशा तुमने मेरा साथ दिया. अब बस एक सपना और पूरा कर दो. वादा करो मुझसे, हमारे बेटे को तुम फौजी बनाओगी. जय हिंद.

इसके बाद बेटे की कहानी को दिखाया गया. बेटा कहता है, जब पिता के शहीद होने का संदेश आता है तो पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है. मां ठान लेती है कि वो अपने परिवार को इस दुख से बाहर निकालेगी. वहीं लड़के के मन में अपने पिता के सपने को पूरा करने की जिद्द थी. मां के तमाम दुख रहे और मुझे सभी सुविधाएं दी. मां के सपने को उसका मुकाम मिल गया. बेटा फौजी बन गया.

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First published: 27 July 2019, 22:12 IST
 
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