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PM मोदी बोले- बाबासाहेब को नेहरूजी ने हरवाया था चुनाव, श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भेजा था राज्यसभा

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 April 2018, 10:27 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान निर्माता बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती के पूर्व संध्या पर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि डॉ अंबेडकर को कानून मंत्री बनाने के बाद कांग्रेस ने जो व्यवहार उनके साथ किया वह देश को समझने की जरूरत है. पीएम मोदी ने कहा कि नेहरू जी बाबासाहेब को लोकसभा चुनाव हराने के लिए उनके खिलाफ प्रचार करने के लिए पहुंचे थे. कांग्रेस की वजह से बाबा साहब दूसरी बार भी चुनाव हारे थे. पीएम ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बाबासाहेब को राज्यसभा पहुंचाया था.

इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पर बाबासाहेब का अपमान करने का आरोप लगाया. पीएम ने कहा कि जिन-जिन लोगों ने कांग्रेस के इको सिस्टम के आगे घुटने नहीं टेके कांग्रेस ने उन्हें किताबों में भी जगह नहीं दी. पीएम मोदी ने कहा कि सच्चाई ये है कि बाबा साहेब के निधन के बाद कांग्रेस ने राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को भी मिटाने की कोशिश की. नेहरू जी से लेकर राजीव गांधी तक, कांग्रेस ने तमाम लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया, लेकिन उसे कभी बाबा साहेब ‘भारत के रत्न’ के लिए योग्य नहीं लगे.

 

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर दिल्ली के 26 अलीपुर रोड स्थित डॉ. अंबेडकर नेशनल मेमोरियल का उद्धाटन करने पहुंचे थे. इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. पीएम ने कहा कि कांग्रेस एक काम बताए तो उसने डॉ अंबेडकर के लिए किया हो? पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और बाबा साहब के बीच जब संबंध टूटने का आखिरी दौर था तो बहुत सी बातें हैं जिन्हें मैं करने बैठूं को कई दिन निकल जाएंगे.

पीएम ने बाबासाहेब अंबेडकर के बयान का हवाला देते हुए कहा, "मुझे कैबिनेट की किसी कमेटी में नहीं लिया गया था. ना ही विदेश मामले की कमेटी में, ना ही रक्षा कमेटी में. मुझे लगा कि मुझे आर्थिक कमेटी में जगह मिलेगी, लेकिन उसमें भी मुझे नहीं लिया गया. मुझे सिर्फ एक मंत्रालय दिया गया जिसमें कोई खास काम नहीं था."

पीएम मोदी ने कहा कि बाबासाहेब सोचते थे कि उन्हें योग्यता के आधार पर काम दिया जाएगा. लेकिन किसी मंत्रालय की अतिरक्त जिम्मेदारी तक बाबा साहब को नहीं दी गई थी. एक और बढ़ी वजह थी जिसकी वजह से बाबा साहब ने कांग्रेस कैबिनेट से इस्तीफा दिया.

पीएम मोदी ने डॉ अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा, "अब मैं आपको वजह बताना चाहता हूं जिसने सरकार से मेरा मोह भंग कर दिया. ये पिछडो़ं और दलितों के साथ किए जा रहे बर्ताव से जुड़ा हुआ है. मुझे इसका बहुत दुख है कि संविधान में पिछ़ड़ी जातियों के हितों के संरक्षण के लिए उचित प्रावधान नहीं है, ये कार्य एक आयोग की सिफारिशों के आधार पर होना था. संविधान को लागू हुए एक साल से ज्यादा का समय हो चुका है कि लेकिन सरकार ने अब तक आयोग नियुक्त करने के बारे में सोचा तक नहीं है."

पीएम ने बताया कि तमाम विवादों की वजह से बाबा साहब ने नेहरू कैबिनेट से इस्तीफा दिया था. पीएम मोदी ने कहा, "अपने बयान में उन्होंने तकलीफों को जिक्र किया था. मैं उस बयान के बारे में आपको बताना चाहता हूं. ताकि देश भर का आदिवासी, दलित और पिछड़ा समाज ये जान सके कि कांग्रेस ने बाबा साहब के साथ कैसा सलूक किया था."

 

इसके अलावा पीएम मोदी ने एससी एसटी एक्ट को लेकर हुए प्रदर्शन पर दलित समुदाय को आश्वस्त किया एक्ट को कमजोर नहीं होने देंगे. पीएम ने कहा कि मैं जिस न्यू इंडिया की बात करता हूं वह बाबा साहब के सपनों का भारत है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पहली बार 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित किया और इस पर दो दिन तक संसद में बहस चली.

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पीएम मोदी ने आगे कहा कि तब से लेकर आज तक कांग्रेस की सोच नहीं बदली है. 70 साल पहले पिछड़ी जातियों के लिए आयोग को लेकर कांग्रेस ने बात आगे नहीं बढ़ने दी. यहां तक की बाबासाहेब को इस्तीफा तक देना पड़ा. आज 70 साल भी कांग्रेस ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने के काम को रोकने का काम कर रही है. संसद नहीं चलने दे रहे है. पीेएम मोदी ने बताया कि ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा मिलने के बाद एससी-एसटी आयोग की तरह ताकत मिल जाएगा.

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के राज में संसद के सेंट्रल हॉल में बाबा साहेब का चित्र तक नहीं लगा था. बाबासाहेब का चित्र लगाने के खिलाफ ये तर्क दिया जाता था कि सेंट्रल हॉल में जगह नहीं है. जिस व्यक्ति ने सेंट्रल हॉल में बैठेकर संविधान को रचा हो, उसकी बारीकी पर घंटों चर्चा की हो, कांग्रेस शासन के दौरान उसी के लिए सेंट्रल हॉल में कोई जगह नहीं थी.

First published: 14 April 2018, 9:21 IST
 
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