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मोदी कैबिनेट में शामिल हुए 7 राज्यों से चुने गए 'नवरत्न'

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 September 2017, 13:41 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह अपने मंत्रिपरिषद को नया स्वरूप दे दिया है. इस फेरबदल में नौ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. जिसमें से 4 पूर्व अधिकारी हैं. इनमें एक पूर्व आईपीएस, दो आईएएस और एक आईएफएस अधिकारी शामिल हैं.

मोदी ब्रिगेड के ये हैं नए चेहरे: 

1. आरके सिंह
आरा, बिहार से लोकसभा सांसद आरके सिंह 1975 बैच (बिहार कैडर) के पूर्व आईएएस अधिकारी है. सिंह ने दिल्ली के सेंट स्टीफेन कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में पढ़ाई की है फिर कानून में बैचलर डिग्री हासिल की वह नीदरलैंड की आरवीबी ड्वेल्फ यूनिवर्सटी से भी पढ़ाई कर चुके हैं. अपने करियर में वह कई अहम पदों पर रहे हैं. वह भारत के गृह सचिव भी रह चुके हैं.

2. अश्विनी चौबै
बक्सर, बिहार से लोकसभा सांसद अश्विनी चौबे लगातार 5 बार बिहार विधानसभा में विधायक रहे हैं. उन्होंने 8 साल तक स्वास्थ्य, शहरी विकास और जनस्वास्थ्य, इंजीनियरिंग जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली. पटना यूनिवर्सिटी में छात्र संघ के अध्यक्ष रहे चौबे, जेपी आंदोलन में भी सक्रिय रहे.

3. सत्यपाल सिंह
उत्तर प्रदेश के बागपत से सत्यपाल सिंह लोकसभा सांसद हैं. सिंह महाराष्ट्र कैडर से 1980 बैच के आईपीएस हैं. सत्यपाल सिंह मुंबई, पुणे और नागपुर के पुलिस कमिश्नर भी रहे हैं. इन्हें 1990 के दौर में मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश में नक्सली इलाकों में काम करने के लिए भारत सरकार की ओर से 2008 में में आंतरिक सुरक्षा सेवा मेडल से भी नवाजा गया है.

4. शिव प्रताप शुक्ला

शिव प्रताप शुक्ला उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं. वह 1989 से 1996 तक लगातार चार बार विधायक रहे. यूपी सरकार में आठ साल तक कैबिनेट मंत्री रहे. उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की है. 1970 के दशक में छात्र नेता के तौर पर राजनीति में शुरुआत की. वह आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में बंद रह चुके हैं.

5. अनंत कुमार हेगड़े
कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ से अनंत कुमार हेगड़े सांसद हैं. हेगड़े पहली बार 28 साल की उम्र में सांसद बने थे. यह संसद में उनका पांचवां टर्म है. अनंत को ग्रामीण भारत का गहरा जानकार माना जाता है. वह कदंब नाम के एनजीओ (गैर सरकारी संस्था) के संस्थापक भी रहे हैं. अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान हेगड़े कई संसदीय समितियों के सदस्य रहे हैं.

6. गजेंद्र सिंह शेखावत
राजस्थान के जोधपुर से गजेंद्र सिंह शेखावत लोकसभा सांसद है. वह वित्त मामलों पर बनी संसदीय समिति के सदस्य हैं और फेलोशिप कमेटी के चेयरमैन हैं. उन्होंने जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी से दर्शनशास्त्र में एमए और एमफिल की है. शेखावत खेलों में भी खासी रुचि रखते हैं.

7. अल्फोंज कन्ननाथनम
अल्फोंज कन्ननाथनम केरल कैडर के 1979 बैच के पूर्व आईएएस ऑफिसर हैं. अल्फोंज एक वकील भी हैं. अल्फोंज डीडीए के कमिश्नर भी रह चुके हैं. बतौर डीडीए कमिश्नर उन्होंने 15, 000 अवैध इमारतों का अतिक्रमण हटाया. इस कार्रवाई के बाद बाद वह दिल्ली के डिमॉलिशन मैन के रूप में मशहूर हो गए. अल्फोंस ने 'मेकिंग अ डिफरेंस' नामक पुस्तक भी लिखी है, जो बेस्टसेलिंग किताब बनी. आईएएस से रिटायर होने के बाद अल्फोंज ने राजनीति में कदम रखा.

8. वीरेंद्र कुमार 
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सांसद वीरेंद्र कुमार 6 बार से लोकसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. वीरेंद्र कुमार दलित समुदाय से आते हैं. 70 के दशक में जेपी आंदोलन से जुड़े रह चुके हैं. श्रम मामलों पर संसद की स्थायी समिति के चेयरमैन रह चुके हैं. लेबर एंड वेलफेयर और एससी-एसटी वेलफेयर कमेटी के सदस्य भी रहे हैं.

9. हरदीप पुरी
हरदीप सिंह पुरी 1974 के बैच के पूर्व भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के अधिकारी रह चुके हैं. पुरी को विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों का जानकार माना जाता है. हरदीप पुरी पूर्व में विकासशील देशों के रिसर्च एंड इंफोर्मेशन सिस्टम (आरआईएस) थिंक टैंक के अध्यक्ष रह चुके हैं. इसके अलावा वह न्यूयॉर्क में अंतरराष्ट्रीय शांति संस्थान (आईपीआई) के उपाध्यक्ष भी रहे हैं.

इन नए मंत्रियों के लिए पहले ही सात मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं. जिनमें कलराज मिश्र, राजीव प्रताप रूडी, बंडारू दत्तात्रेय, संजीव बालियान, महेंद्र नाथ पांडेय, फग्गन सिंह कुलस्ते का नाम शामिल है. वहीं, स्वास्थ्य कारणों से उमा भारती के इस्तीफे की भी चर्चा थी, लेकिन उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से मना कर दिया है. 

First published: 3 September 2017, 9:31 IST
 
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