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वाराणसी नहीं उड़ीसा के इस सीट से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे PM मोदी !

आदित्य साहू | Updated on: 26 May 2018, 14:07 IST

पीएम मोदी ने साल 2014 का लोकसभा चुनाव गुजरात और यूपी से लड़ा था. गुजरात के वडोदरा के अलावा पीएम मोदी ने यूपी के वाराणसी से लोकसभा का चुनाव लड़ा था. इन दोनों सीटों पर उन्हें बंपर वोटों से जीत हासिल हुई थी. वडोदरा से तो उन्हें रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल हुई थी. किसी भी आम चुनाव में वह सबसे ज्यादा वोट से जीतने वाले प्रत्याशी बने थे.

लेकिन अब खबर आ रही है कि वह वडोदरा और वाराणसी से अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे जबकि उड़ीसा के पुरी से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. बता दें कि आज अपनी सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर पीएम मोदी उड़ीसा के कटक में एक बड़ी रैली कर रहे हैं. इस रैली में कई लाख लोगों के इकट्ठे होने की उम्मीद है. रैली के माध्यम से पीएम मोदी अपनी सरकार के चार साल पूरे होने का रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे.

कहा ये भी जा रहा है कि पीएम मोदी पुरी के अलावा वाराणसी से भी चुनाव लड़ेंगे. यानी पिछली बार की ही तरह वह दो सीटों से लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं. हालांकि इस बाबत बीजेपी की तरफ से अभी तक ऐसा कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है.

बता दें कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने गुजरात से इसलिए लोकसभा चुनाव लड़ा था क्योंकि वह उनका गृहराज्य था और वह वहां से पिछले 12 साल से मुख्यमंत्री थे और वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला उन्होंने यूपी और बिहार की 120 सीटों पर प्रभाव डालने के लिए किया था. इससे उन्हें खूब फायदा भी मिला था और इन 120 सीटों में बीजेपी गठबंधन को लगभग 105 सीटें मिली थीं. जिसने केंद्र में मोदी सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी.

इसी को देखते हुए पीएम मोदी इस बार उड़ीसा से चुनाव लड़ना चाहते हैं. दरअसल, पुरी से चुनाव लड़कर पीएम मोदी एक तीर से कई निशाना साधने की कोशिश करेंगे. बीजेपी ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अपने वोट प्रतिशत के साथ सीट शेयर को बढ़ाना चाहती है.

पिछले कई चुनावों के बाद देखा गया है कि इन सभी राज्यों में बीजेपी के पास अभी बहुत संभावनाएं हैं और खास बात यह है कि बीजेपी की इन चार राज्यों ही सरकार नहीं हैं. बीजेपी देश के कई राज्यों में अधिकतम सीट जीत चुकी है और पार्टी नए राज्यों की ओर जनाधार बढ़ाना चाहती है. इन राज्यों में फिलहाल लोकसभा की 105 सीटें हैं जिनकी तरफ बीजेपी की नजर है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने इन 105 सीटों में मात्र 6 सीटों में ही जीत दर्ज की थी.

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साल 2014 में पीएम मोदी ने वाराणसी में चुनाव प्रचार के दौरान मां गंगा और भगवान शंकर का जमकर बखान किया था. इस बार पीएम अगर पुरी से चुनाव लड़ते है तो इसे भगवान विष्णु से जोड़कर देखा जाएगा. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भगवान विष्णु के ठाकुर रूप की पूजा होती है. ऐसे में यहां भी पीएम मोदी एक धार्मिक संदेश देते नजर आएंगे. धार्मिक लिहाज से तो भारतीय जनता पार्टी के पास इन राज्यों में अपना जनाधार बढ़ाने की प्रबल संभावनाएं नजर आती हैं.

एक साल पहले उड़ीसा के पंचायत चुनाव में भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था. वहीं हाल ही में पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव के प्रदर्शन पर नजर डालें तो बीजेपी यहां दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी है. आंध्र प्रदेश में भी बीजेपी-टीडीपी गठबंधन टूटने के बाद पार्टी यहां विस्तार करने में जुटी है.

First published: 26 May 2018, 14:07 IST
 
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