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विजन 2030: नीति आयोग की अहम बैठक की अध्यक्षता करने पहुंचे पीएम मोदी

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 April 2017, 14:38 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित नीति आयोग की संचालन परिषद की बैठक की अध्यक्षता करने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि 'न्यू इंडिया' के विजन को सभी राज्यों और उनके मुख्यमंत्रियों के एकजुट प्रयास और सहयोग के जरिये ही प्राप्त किया जा सकता है.

यह बैठक भारत के आर्थिक विकास के लिए तैयार किए गए 15 वर्षीय विजन दस्तावेज पर चर्चा करने के लिए आयोजित की गई. इस दौरान नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने बदलते भारत की तस्वीर का प्रस्तुतिकरण दिया.

इसके साथ ही आगामी 1 जुलाई से जीएसटी लागू करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा भी की गई. सरकार ने बयान जारी कर बताया कि बैठक में पिछली दो बैठकों में लिए गए निर्णयों पर की गई कार्रवाई पर भी चर्चा की गई.

इस बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यंत्री योगी आदित्यनाथ, जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए. जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी इसमें नहीं पहुंचे.

इससे पहले 8 फरवरी 2015 को आयोजित आयोग की पहली बैठक में पीएम मोदी ने नीति आयोग के एजेंडा को स्पष्ट किया था. इस दौरान तय हुआ था कि नीति आयोग सरकार के थिंक टैंक की तरह काम करेगी. पीएम ने कहा था कि आयोग केंद्र और राज्यों के बीच एक कड़ी के रूप में काम करेगा.

उन्होंने गरीबी उन्मूलन और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्रियों के उप-समूह और दो टास्क फोर्स का गठन किया था. इसके बाद 15 जुलाई 2015 को आयोजित दूसरी बैठक में इन उप-समूह और टास्क फोर्स के काम की समीक्षा की गई. आयोग से कहा गया था कि वो 2030 तक तेज आर्थिक विकास के लिए दस्तावेज तैयार करे.

आयोग 15 साल के लिए विकास खाके या विजन 2030 पर काम कर रहा है. इस दौरान परिषद में सभी मुख्यमंत्री शामिल हैं. परिषद में आर्थिक वृद्धि को बल देने के लिए अल्पकालिक व मध्यावधिक नीति की तीन वर्षीय कार्य योजना व सात वर्षीय रणनीति पर भी विचार किया जाएगा. इस एक दिवसीय बैठक में  कार्य योजना, रणनीति व विजन दस्तावेज के साथ साथ 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) पर भी इसमें विचार होने की संभावना है. 

उल्लेखनीय है कि सरकार ने पंचवर्षीय योजनाओं को एक अप्रैल से समाप्त कर दिया है. इसकी जगह नई तीन वर्षीय कार्य योजना लागू की जाएगी.  

First published: 23 April 2017, 14:38 IST
 
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