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बनारस की बाढ़ पर बोले पीएम मोदी- 24 घंटे काम में लगा है एमपी ऑफिस

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 August 2016, 16:07 IST
(पत्रिका)

पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं. सबसे बुरा हाल पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का है. जहां के घाटों को डुबोता हुआ गंगा का पानी अब शहर में दाखिल हो चुका है.

वाराणसी के साथ ही बलिया, गाजीपुर, मिर्जापुर, चंदौली और मुगलसराय में बाढ से हालात बदतर हैं. बिहार से सटे बलिया में बाढ़ ने 2003 का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. यहां गंगा का पानी खतरे की निशान से करीब 3 मीटर ऊपर बह रहा है.

दशाश्वमेध बाजार में पानी

वहीं वाराणसी में गंगा खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है. हर घंटे 1 सेंटीमीटर की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है. 

वाराणसी में गंगा अब किनारों को छोड़कर बाजार की तरफ बढ़ने लगी है. गंगा का उफनता पानी अब घाटों से ऊपर आगे शहर की तरफ बढ़ने लगा है. गंगा का पानी दशाश्वमेध बाजार तक पहुंच गया है.

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दुकानें पानी में डूब गई हैं. वहीं जिनकी दुकानों पर पानी चढ़ रहा है, उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, "वाराणसी में बाढ़ के हालात पर काफी चिंतित हूं. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) हालात पर कड़ी नजर रखे हुए है और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है."

अगले ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा, "राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की टीमें वाराणसी में राहत और बचाव कार्य के लिए मौजूद हैं. सांसद कार्यालय मदद मुहैया कराने के लिए 24 घंटे काम कर रहा है."

बलिया में आफत की बाढ़

बलिया में बाढ़ से हालात चिंताजनक हैं. बिहार-यूपी नेशनल हाईवे पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है और कई जगह दबाव इतना ज्यादा बना है कि वो टूटने की कगार पर है.

बलिया जिले के दुबेछपरा, मझौआं जैसे इलाकों में एनएच पर रिसाव शुरू है, जिसे बचाने के लिए जिला प्रशासन दिन-रात जुटा है. सागरराली में बाढ़ का पानी एनएच-31 के ऊपर से बह रहा है.

गाजीपुर में 2 लाख प्रभावित

गाजीपुर जिले में गंगा के जलस्तर में दो हफ्ते से इजाफा जारी है. जमानियां तहसील इस बाढ़ में सबसे ज्यादा प्रभावित है. प्रशासनिक के मुताबिक तकरीबन 400 गांवों 2 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं. 

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जिला प्रशासन ने 25 से 30 बाढ़ प्रभावित गांवों को तुरंत खाली करने की अपील की है. एनडीआरएफ की टीमें भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य में जुटी हैं.

मुगलसराय ,चन्दौली और मिर्जापुर का भी यही हाल है, कई जगहों पर पानी का बहाव तेज है कई जगहों पर ये स्थिर है लेकिन अभी खतरा टला नहीं है. लोग अपने घरों को छोड़कर सड़कों और बांधों पर रहने को मजबूर हैं.

First published: 24 August 2016, 16:07 IST
 
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