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अफ्रीका दौरा: पहले पड़ाव मोजांबिक में पीएम मोदी का जोरदार स्वागत

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 July 2016, 14:34 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चार अफ्रीकी देशों के पांच दिवसीय दौरे के पहले पड़ाव मोजांबिक पहुंचे. अफ्रीकी देशों की यात्रा पर रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि चार देशों की यात्रा का मकसद उन देशों से भारत के रिश्ते को मजबूत बनाना है. यात्रा का विशेष उद्देश्य अफ्रीकी देशों और भारत के बीच आर्थिक क्षेत्र में और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत बनाना है.

प्रधानमंत्री मोदी ने पांच दिवसीय यात्रा की शुरूआत मोजांबिक से की है. राजधानी मैपुटे में उनका जोरदार स्वागत किया गया. इसके बाद वे दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया और केन्या का दौरा करेंगे. पीएम की यात्रा का मकसद इन देशों के साथ हाइड्रोकार्बन, नौवहन सुरक्षा, कारोबार और निवेश तथा कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में सहयोग को गहरा बनाना है.

प्रधानमंत्री के आधिकारिक ट्वीट में कहा गया है, "मेरी अफ्रीका यात्रा का मकसद भारत और अफ्रीका के संबंधों को और मजबूत बनाना है, जिसकी शुरुआत मोजांबिक से होगी, जो संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण होगी."

पीएम मोदी का मोजांबिक में शानदार स्वागत किया गया. इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया.

इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा, "दक्षिण अफ्रीका में मेरा कार्यक्रम प्रिटोरिया, जोहांसबर्ग, डरबन और पीटरमारिट्जबर्ग में होगा. तंजानिया में मैं राष्ट्रपति डॉ. जान मागुफली के साथ चर्चा करूंगा, साथ ही भारतीय समुदाय के साथ बातचीत भी करूंगा."

केन्या यात्रा की चर्चा करते हुए उन्होंने ट्वीट किया, "राष्ट्रपति यूकेन्यात्ता के साथ आर्थिक और लोगों के स्तर पर सम्पर्क मेरी केन्या यात्रा के केंद्र में होगा."

अपनी यात्रा का ब्यौरा जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मोजांबिक या़त्रा का मकसद सहयोग बढ़ाना और सांस्कृतिक संबंध को गति प्रदान करना है. भारतीय प्रधानमंत्री की 35 वर्ष बाद केन्या और 34 वर्ष बाद मोजाम्बिक यात्रा हो रही है.

उन्होंने कहा, "मैं वहां के राष्ट्रपति फिलिप न्यूसी के साथ बैठक करूंगा और व्यापक चर्चा करूंगा."

इसके अलावा पीएम मोदी के अन्य कार्यक्रमों में उनका नेशनल एसेंबली के अध्यक्ष वेरोनिका माकामो के साथ बैठक के अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पार्क का दौरा करने के साथ छात्रों से बातचीत करने का भी कार्यक्रम है.

उनका संक्षिप्त रूप से भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करने का कार्यक्रम है.

उसके बाद शाम को पीएम मोदी प्रिटोरिया के लिए रवाना होंगे, जिसे उन्होंने 'सामरिक' रूप से महत्वपूर्ण सहयोगी बताया है और जिसके साथ हमारे ऐतिहासिक और गहरे संबंध हैं.

उन्होंने कहा, "इतिहास इस बात का गवाह है कि किस प्रकार से महात्मा गांधी का दक्षिण अफ्रीका में प्रवास का उनपर और विश्व इतिहास पर प्रभाव पड़ा है. वह दक्षिण अफ्रीका वकील के तौर पर काम के सिलसिले में गए और मानव मूल्यों की एक मजबूत आवाज के रूप में भारत लौटे, जिन्होंने मानवता के इतिहास को आकार प्रदान किया."

प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं फीनिक्स आवास क्षेत्र और पीटरमारित्जबर्ग की यात्रा करके सम्मानित महसूस करूंगा, ये दो स्थल दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी के प्रवास के दौरान उनसे करीबी तौर पर जुड़े थे."

उन्होंने कहा, "मदीबा (नेल्सन मंडेला) का स्मरण किए बिना दक्षिण अफ्रीका की यात्रा अधूरी होगी. मैं कंस्टीट्यूशन हिल और नेल्‍सन मंडेला फाउंडेशन की यात्रा करके सम्मानित महसूस करूंगा, जहां मैं मानव इतिहास के युग पुरुष को श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा, जिन्होंने अपने देश और दुनिया को बेहतर स्थान बनाया."

दक्षिण अफ्रीका की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति जैकब जुमा और उपराष्ट्रपति साइरिल रामफोसा से मुलाकात करेंगे.

प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारे आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए मैं भारत-दक्षिण अफ्रीका कारोबार बैठक को संबोधित भी करूंगा."

इसके अलावा अन्य कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री मोदी डरबन में एलुमनी नेटवर्क की बैठक और वहां के मेयर की मेजबानी में एक भोज में भी हिस्सा लेंगे.

प्रधानमंत्री ने 'नरेंद्र मोदी मोबाइल एप' के जरिए अपने भाषण के संबंध में विचार और राय को आमंत्रित किया है.

उन्होंने कहा, "दक्षिण अफ्रीका विविधतापूर्ण भारतीय समुदाय का आवास स्थल है, जिन्होंने वर्षों से दक्षिण अफ्रीका को अपना घर बना लिया है. मैं 8 जुलाई को जोहांसबर्ग में भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में हिस्सा लूंगा."

पीएम ने आगे कहा कि 10 जुलाई को वह तंजानिया की संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण यात्रा पर जाएंगे ताकि इस देश के साथ संबंधों को गहरा बनाया जा सके. इस देश को उन्होंने अफ्रीका में मूल्यवान मित्र बताया है.

उन्होंने कहा, "इस दौरान राष्ट्रपति डॉ. जान मागुफुली के साथ व्यापक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी, जहां हम विभिन्न क्षेत्रों में भारत तंजानिया संबंधों के आगे का खाका तैयार करेंगे."

उन्होंने कहा कि वह अफ्रीका में ग्रामीण महिला सौर इंजीनियरों के समूह 'सोलर मामा' से भी मिलेंगे, जिन्हें भारत सरकार समर्थित कार्यक्रम के तहत सौर लालटेन के साथ गांव में घरों में सौर रौशनी प्रणाली स्थापित करने, उपयोग करने, मरम्मत करने और उसका रखरखाव करने का प्रशिक्षण दिया गया है.

First published: 7 July 2016, 14:34 IST
 
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