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पीएम मोदी ने किया एशिया की सबसे लंबी चेनानी-नाशरी सुरंग का उद्घाटन

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 April 2017, 17:16 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच श्रीनगर के उधमपुर में एशिया की सबसे लंबी सुरंग का रिमोट दबाकर उद्घाटन किया. पीएम ने न केवल खुली जीप में खड़े होकर बल्कि पैदल चलकर भी जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस सुरंग का जायजा लिया. 9.20 किलोमीटर लंबी इस सुरंग को बनाने की लागत 2,519 करोड़ है.

उद्धाटन समारोह के दौरान पीएम मोदी के साथ प्रदेश की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, केंद्रीय सड़क-परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह समेत कई शख्सियतें मौजूद रहीं. सीमा पर अलर्ट के बीच प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है और जम्मू-कश्मीर में प्रमुख प्रतिष्ठानों की कड़ी निगरानी की जा रही है.

पीएम मोदी उद्घाटन के लिए करीब ढाई बजे दोपहर को विशेष विमान से उधमपुर पहुंचे. इसके बाद वायुसेना के हेलीकॉप्टर से उन्हें चेनानी लाया गया.

 

पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया, “यह जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए गर्व की बात है कि पीएम मोदी खुद इस सुरंग को देश को समर्पित करेंगे. न्यू इंडिया के उनके नारे के तहत इसे देश को समर्पित किया जा रहा है. नए भारत के उनके आह्वान के तहत इसे राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है."

उन्होंने कहा कि सुरंग से सूबे की दोनों राजधानियों जम्मू और श्रीनगर के बीच की यात्रा का वक्त दो घंटे तक कम हो जाएगा. चेनानी और नाशरी के बीच की दूरी 41 किलोमीटर से घटकर 10.9 किलोमीटर रह जाएगी. सुरंग से हर साल करीब 99 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी. साथ ही रोज करीब 27 लाख का ईंधन बचने की संभावना है. इस सुरंग से बहुत अधिक बदलाव आएगा.

चेनानी-नेशारी सुरंग को बनाने में करीब 2,519 करोड़ रुपये की लागत आई है. दुर्गम इलाके में बनी इस सुरंग के जरिये जम्मू से कश्मीर की यात्रा में करीब 2 घंटे का समय कम हो जाएगा. इस सुरंग को इंटीग्रेटेड टनल कंट्रोल सिस्टम से लैस किया गया है. जिससे किसी भी घटना की जांच की जा सके. इसके साथ ही सुरंग में किसी प्रकार की आग जैसी घटना को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा उपकरण भी लगाए गए हैं.

 

वहीं, जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने मोदी के दौरे को लेकर एजेंसियों की सिक्योरिटी अरेंजमेंट पर संतोष जताया. भाजपा को इस बात की उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी की रैली में बड़ी संख्या में लोग आएंगे. बॉर्डर पर अलर्ट के बीच मोदी के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. साथ ही राज्य में मेन इंस्टीट्यूशंस की कड़ी निगरानी की जा रही है.

सुरंग की खासियतों की बात करें तो इसके भीतर और बाहर हर 75 मीटर की दूरी पर कुल 174 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. यह सुरंग हवादार है ताकि इसके अंदर सांस लेने में तकलीफ या घुटन जैसे परेशानी न आए. कंट्रोल रूम के जरिये यह सुरंग हरवक्त निगरानी में रहेगी. पूरी सुरंग में रोशनी, सुरक्षा के इंतजाम के साथ हाईटेक सिस्टम लगाया गया है.

 

23 मई 2011 में इस सुरंग का निर्माण शुरू किया गया था. इस ट्यूब सुरंग में एक साथ ही आने-जाने का रास्ता बनाया गया है. 1200 मीटर की ऊंचाई पर बनी इस सुरंग में दो पैरलल ट्यूब्स बनाई गई हैं. बड़ी ट्यूब टनल का व्यास 13 मीटर जबकि इमरजेंसी एग्जिट ट्यूब का व्यास 6 मीटर है. यह आपातकालीन स्थिति के लिए इसमें फंसे यात्रियों को निकालने के काम आएगी.

दोनों ट्यूबों के बीच में 29 स्थानों पर क्रॉस पैसेज दिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर इधर से उधर जाया जा सके. मेन ट्यूब टनल में हर आठ मीटर पर ताजा हवा के लिए इनलेट बनाए गए हैं. जबकि हवा बाहर फेंकने के लिए हर 100 मीटर पर डक्ट बनाए गए हैं.

सुरक्षा और आपातकालीन स्थिति के लिए हर 150 मीटर पर इससे गुजरने वाले यात्रियों के लिए SOS आपातकालीन हेल्पलाइन बॉक्स भी लगाए गए हैं, जिनके जरिये कंट्रोल रूम से संपर्क कर मदद मांगी जा सके.

First published: 2 April 2017, 17:16 IST
 
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