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200 से अधिक शिक्षाविदों का PM मोदी को पत्र, कहा-लेफ्ट विंग एक्टिविस्ट बिगाड़ रहे हैं विश्वविद्यालयों का माहौल

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 January 2020, 12:10 IST

विश्वविद्यालयों के कुलपतियों समेत 200 से अधिक शिक्षाविदों ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है. इस पत्र में कहा देश में बिगड़ते शैक्षणिक माहौल के लिए वामपंथी कार्यकर्ता (Left-wing activists) जिम्मेदार हैं. प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि ''हम इस बात से निराश हैं कि छात्र राजनीति के नाम पर एक विघटनकारी लेफ्ट एजेंडा चलाया जा रहा है''.

पत्र कहा गया है जेएनयू से लेकर जामिया तक, एएमयू से लेकर जादवपुर विश्वविद्यालय परिसरों में हालही की घटनाएं बदनामी का कारण बनी हैं, जिसके लिए वामपंथी कार्यकर्ताओं की एक छोटी सी मंडली जिम्मेदार है''. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस पत्र के हस्ताक्षरकर्ताओं में डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आरपी तिवारी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार के कुलपति प्रो एचसीएस राठौर, सेंट्रल यूनिवर्सिटी पंजाब के कुलपति रविंदर, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कुलपति प्रो रजनीश कुमार शुक्ला शामिल हैं.

 

इस पत्र का शीर्षक "शिक्षण संस्थानों में वामपंथी अराजकता के खिलाफ बयान" दिया गया है. 208 शिक्षाविदों के बयान को शिक्षाविदों के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि हालही में कई विश्वविद्यालयों में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम सहित कई मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन देखे गए थे.

वामपंथी झुकाव वाले समूहों पर कटाक्ष करते हुए पत्र में कहा गया कि "वामपंथी राजनीति के कारण सार्वजनिक वार्ता को व्यवस्थित करना या स्वतंत्र रूप से बोलना मुश्किल हो गया है. बयान में कहा गया है कि इस तरह की राजनीति से सबसे ज्यादा पीड़ित गरीब छात्र और हाशिए के समुदाय के लोग हैं.

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First published: 13 January 2020, 10:13 IST
 
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