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'जब तक तुम्हारा यह भाई ज़िंदा है'

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 November 2016, 14:58 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर ज़िले में एक जनसभा को संबोधित किया है. उन्होंने कहा है कि नोटबंदी की उनकी घोषणा से ग़रीब आदमी चैन की नींद सो रहा है जबकि अमीर नींद की गोलियां खोजने के लिए बाज़ार में चक्कर काट रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार, नक्सलवाद, उग्रवाद और आतंकवाद से निपटने का एक ही उपाय है कि 500 और 1,000 के नोटों को रद्दी में बदल दिया जाए. 

गाज़ीपुर में उन्होंने अपील की है कि जिन्होंने कड़ी मेहनत करके अपनी बेटी की शादी के लिए पैसा बचाया है, उसे बैंकों में जमा करा दें. उन्होंने कहा, 'जब तक तुम्हारा यह भाई ज़िंदा है, उसपर एक भी सरकारी अफ़सर हाथ नहीं लगा पाएगा. आप हिम्मत करके उस रुपए को बैंक में जमा करवा दें. हमारी सरकार उसपर ब्याज भी देगी'. 

नोटबंदी पर भाजपा को घेरने की कोशिश पर प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा, 'कांग्रेसी नेता पूछ रहे हैं कि किस कानून के तहत नोटबंदी की गई. मगर उन्होंने भी चवन्नी बंद की थी, तब कौन-सा कानून था. आप चवन्नी से आगे चल नहीं पाते'.

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी कुर्सी के लिए देश पर 19 महीने की इमरजेंसी थोप दी थी. देश को जेल खाना बना दिया था लेकिन मैंने देश के गरीबों की खुशी के लिए 50 दिन तकलीफ सहने को कहा है. 30 दिसंबर तक ये सारी प्रक्रिया पूरी करने के लिए 18-18 घंटे बैंक में कर्मी काम कर रहे हैं'.

उन्होंने यह भी कहा, 'कांग्रेस पार्टी और उसके नेता मुझे गालियां देते हैं, झूठे-झूठे आरोप लगाते हैं लेकिन मैं आज देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के अधूर काम को पूरा करने की शुरुआत कर रहा हूं. 

उन्होंने कहा, '1962 में इसी गाज़ीपुर से लोकसभा सदस्य रहे विश्वनाथ जी ने संसद में खड़े होकर कहा था कि पंडित जी आप उत्तर प्रदेश से चुनकर आए हैं, प्रधानमंत्री बने हैं मगर उसी यूपी में पूर्वांचल भी है. वहां ग़रीबी इतनी भयानक है कि लोग गोबर में से गेहूं के दाने चुन-चुनकर धुलकर अपना पेट भरते हैं. तब पंडित नेहरू ने एक पटेल कमेटी बनाई थी लेकिन इसके बाद नेहरू चले गए, तमाम आए और चले गए. मैं यूपी से नौवां पीएम हूं और उस कमेटी का कुछ नहीं हुआ'. 

उन्होंने कहा कि 1962 में कहा गया था कि गंगा पर पुल बनाकर रेल की पटली डाल दी जाए ताकि इस इलाके को विकास का अवसर मिले. मगर सरकारें आईं गईं, नेता आए गए, सभाए हुईं, तालिया बजी, वोट बटोरे लेकिन मां गंगा को पार करने की कोई व्यवस्था नहीं हुई. अगर मैं 500 और 1,000 के नोट बंद कर रहा हूं तो व्यवस्था कर रहा हूं. भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए. हिन्दुस्तान में अब बेइमानों के लिए कोई चारा नहीं बचा है. 

First published: 14 November 2016, 14:58 IST
 
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