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मोदी ने की मन की बातः कश्मीर का समाधान एकता और ममता से निकलेगा

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 August 2016, 8:06 IST

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिये देशवासियों से एक बार फिर रूबरू हुए. हाल ही संपन्न रियो ओलंपिक में लड़कियों की जीत और देश के निराशाजनक प्रदर्शन पर भी मोदी ने अपनी बात रखी. सोमवार 29 अगस्त को आयोजित किए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर उन्होंने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि दी. इसके अलावा उन्होंने पुलेला गोपीचंद के बारे में कहा कि उन्हें एक खिलाड़ी से ज्यादा अच्छे शिक्षक के रूप में देखता हूं. उन्होंने एक अच्छे शिक्षक की मिसाल कायम की है.

पीएम मोदी ने रविवार को कहा, "29 अगस्त को ध्यानचंद का जन्मदिन है. यह दिन राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है. उन्होंने देश को ओलंपिक में गोल्ड मेडल दिलाया." एक घटना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "एक बार विपक्षी टीम के एक खिलाड़ी ने ध्यानचंद को हॉकी मार दी. उन्होंने तीन गोल किए और बोले कि मैंने चोट का बदला गोल से लिया. इतना ही नहीं ब्रैडमैन को हम सब जानते हैं. एक बार ब्रैडमैन ने कहा था- जिस तरह मैं रन बनाता हूं, ध्यानचंद वैसे गोल मारते हैं."

उन्होंने कहा, "क्रिकेट से अलग भी भारत के नागरिकों में और खेलों के प्रति इतना प्यार और जागरूकता है. मेरे लिए यह संदेश पढ़ना भी अपने आप में एक प्रेरणा का काम बन गया."

पीएम ने कहा, "आज पुलेला गोपीचंद की चर्चा होती है. उन्होंने अच्छे शिक्षक की मिसाल कायम की है. मैं उन्हें खिलाड़ी से ज्यादा एक अच्छे शिक्षक के रूप में देखता हूं. सिखाने के उनके तरीके को सलाम करता हूं. आज भी हर महीने मेरे शिक्षक की एक चिट्ठी आती है. वे 90 साल के हैं. महीनेभर में मैंने क्या किया, ठीक किया या नहीं. जैसे क्लास में पढ़ाते थे, वैसे ही आज वे मुझे एक तरह का करेसपॉन्डेंस कराते हैं. मेरे अक्षर खराब हैं. लेकिन मेरे शिक्षक 90 साल की उम्र में भी सुंदर हैंडराइटिंग में लिखते हैं."

सिंधू, साक्षी और दीपा के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, "बेटियां किसी भी तरह से कम नहीं हैं. इन बेटियों में से एक उत्तर भारत, एक दक्षिण भारत और एक पूर्व भारत से है. ऐसा लगता है कि पूरे देश की बेटियों ने भारत का सिर उठाने का बीड़ा ले लिया. हमें खेलों में लंबा सफर तय करने की जरूरत है. माता-पिता आज भी एकेडेमिक्स पर जोर देते हैं. खेल को समाज में आज भी वक्त की बर्बादी माना जाता है." 

कश्मीर में जान किसी की भी जाती हो दुख होता है. जो बच्चों का सहारा लेकर उकसा रहे हैं उन्हें जवाब देना होगा

वे आगे बोले, "इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि हम आशानुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके. लेकिन पदक न मिलने के बावजूद भी गौर करें तो पता चलेगा कि कई खेलों में खिलाड़ियों ने अच्छा काम किया. शूटिंग में अभिनव बिंद्रा चौथे स्थान पर रहे. दीपा कर्माकर कुछ ही अंकों से मेडल चूक गईं. लेकिन जिम्नास्टिक में ओलंपिक के लिए क्वॉलीफाई करने वाली वह पहली बेटी हैं."

"सानिया-बोपन्ना भी अच्छा खेले. 32 साल में पहली बार ललिता पवार ने ट्रैक फील्ड फाइनल में देश को प्रवेश दिलाया. 36 साल बाद महिला हॉकी टीम ओलंपिक तक पहुंची. पुरुष हॉकी में भी ऐसा ही हुआ. हमारी टीम काफी मजबूत है. मजेदार बात यह है कि स्वर्ण पदक विजेता अर्जेंटीना एक ही मैच हारी, वो भी भारत से. बॉक्सिंग में विकास यादव क्वॉर्टर फाइनल तक पहुंचे. अदिति अशोक, दत्तू भोकानल, अतनु दास का भी अच्छा प्रदर्शन रहा."

आने वाले ओलंपिक की योजना के बारे में उन्होंने कहा, "हमें बहुत कुछ करना है. मैंने एक समिति की घोषणा की है. भारत सरकार इसकी गहराई में जाएगी. दुनिया कैसे अभ्यास कर रही है इसका अध्ययन किया जाएगा. 2020, 2024 और 2028 ओलंपिक की सोच के साथ योजना बनाएंगे. राज्य सरकारों से भी आग्रह है कि वे भी ऐसी कमेटियां बनाएं. हम क्या कर सकते हैं, यह देखें."

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने लोकमान्य तिलक को सार्वजनिक गणेशोत्सव सामने लाने वाला व्यक्ति बताया. उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव में मिट्टी का प्रयोग कर गणेश-दुर्गा की मूर्तियां बनाएं और प्रदूषण रोकें. गणेशजी विघ्नहर्ता हैं इसलिए ऐसे गणेशजी नहीं बनाने चाहिए जो प्रदूषण रूपी विघ्न करें, हालांकि नहीं जानता कि लोग मेरी बात को किस तरह लेंगे.

वहीं, गंगा सफाई पर लोगों के योगदान की बात करते हुए कहा कि पांच राज्य सरकारों ने गंगा सफाई अभियान में सहायता दी है. 15 अगस्त को छत्तीसगढ़ के एक स्कूल के बच्चों ने अपने परिवारों को चिट्ठियां लिखी और घर में शौचालय बनवाने के लिए कहा, जिसकी सकारात्मक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली. 

पीएम मोदी ने देशवासियों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने के लिए एक प्रतियोगिता की शुुरुआत करते हुए कहा कि स्वच्छता पर दो-तीन मिनट की शॉर्ट फिल्म बनाकर सरकार को भेज दीजिए. प्रतियोगिता में विजेताओं को इनाम दिया जाएगा. टीवी चैनलों को चाहिए कि वे ऐसे वीडियो की प्रतियोगिता कराएं.

उधर पीएम ने यह भी कहा कि सभी दलों ने मिलकर के जीएसटी क़ानून पारित किया. इसका क्रेडिट सभी दलों को जाता है. एकता की ताकत क्या होती है, साथ मिल कर के चलें, तो कितना बड़ा परिणाम मिल सकता है ? ये इस वर्ष का अगस्त महीना याद रहेगा. 

उन्होंने कहा, "कश्मीर के संबंध में मेरी सभी दलों से जितनी बात हुई, हर किसी की बात में से एक बात ज़रूर जागृत होती थी. गांव के प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक का एक ही मत है कि कश्मीर में अगर नौजवान या सुरक्षाकर्मी की जान जाती है, यह नुकसान अपने देश का ही है. कश्मीर में जान किसी की भी जाती हो दुख होता है. जो लोग बच्चों का सहारा लेकर उकसावे का काम कर रहे हैं जवाब उन्हें भी देना होगा. कश्मीर की स्थिति के संबंध में, देश के सभी राजनैतिक दलों ने मिलकर एक स्वर में कश्मीर की बात रखी है."

First published: 29 August 2016, 8:06 IST
 
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