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क्यों इस बजट से बजेगा बीजेपी का डंका? लोग बोले- 'अबकी बार फिर से मोदी सरकार'

दीपक कुमार सिंह | Updated on: 1 February 2019, 19:57 IST

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने केंद्र सरकार का अंतरिम बजट संसद में पेश किया. अब तक ऐसा लग रहा था कि मोदी सरकार से किसान, माध्यम वर्ग, मजदूर, नौकरी-पेशा लोगों में नाराजगी है. लेकिन वित्त मंत्री ने जैसे ही बजट का पिटारा खोला उसमें सभी वर्गों के लिए सौगात थी और संसद से लेकर सड़क तक मोदी-मोदी के नारे गूंजने लगे. तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव हारने के बाद मायूस बीजेपी कार्यकर्ताओं और में बजट की लोक-लुभावन घोषणाओं ने जोश भर दिया. सोशल मीडिया पर ''अबकी बार फिर से मोदी सरकार'' जैसे पोस्ट की बाढ़ आ गई.

3 करोड़ लोगों को टैक्स छूट

मोदी सरकार ने टैक्स छूट की सीमा ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा जैसे ही कि कर-दाताओं में ख़ुशी की लहर दौड़ गई, 3 करोड़ लोगों को इसका सीधा फायदा होगा वे निश्चित तौर पर मोदी को अपने वोट के माध्यम से रिटर्न गिफ्ट देंगे. आयकर में छूट की सीमा 5 लाख किए जाने से छोटे व्यापारी, कर्मचारी समेत मिडिल क्लास के लोग खुश हैं, क्योंकि इस फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिली है.

 

किसानों को बड़ी सौगात

वित्त मंत्री ने ''प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि'' नाम से एक नई योजना के तहत छोटे किसानों सालाना 6,000 रुपये की नकद सहायता देने का ऐलान किया यह तीन किस्तों में दी जाएगी यह सहायता दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को उपलब्ध होगी. इस योजना से 12 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे. इस योजना से सरकारी खजाने पर सालाना 75,000 करोड़ रुपये का वार्षिक बोझ पड़ेगा. दिसंबर 2018 से इसका लाभ मिलेगा.

मजदूरों के लिए पेंशन स्कीम

इस बजट में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने के लिए ''प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’’ का एलन किया गया. इससे 10 करोड़ श्रमिकों को फायदा होगा, इसके अंतर्गत मजदूरों को 60 साल की उम्र के बाद 3,000 रुपये प्रति महीने पेंशन दी जाएगी. इस स्कीम के तहत 100 रुपये का योगदान मजदूरों को मासिक करना होगा और 100 रुपये सरकार की तरफ से दी जायेगी.

नौकरी-पेशा को छूट

मोदी सरकार ने नौकरी-पेशा लोगों को भी अपने पाले में करने के लिए बड़ा दाव चला है. का ग्रेच्यूटी की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है. इसके अलावा, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) नियम के तहत पात्रता 15,000 से बढ़ाकर 21,000 रुपये प्रतिमाह वेतन की गई. श्रमिकों के वेतन में 42 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

First published: 1 February 2019, 19:37 IST
 
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