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पीएम मोदी ने अपने हाथों से पहनाई थी चप्पल, रत्नी बाई बोलीं- चप्पल से ज्यादा गैस सिलेंडर की जरूरत

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 April 2018, 9:36 IST

14 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत करने पहुंचे थे. इस मौके पर उन्होंने चरण पादुका योजना को लॉन्च किया था. योजना के तहत जंगली इलाकों में तेंदु पत्तों को इकट्ठा करने वालेे आदिवासी लोगों चप्पल देना शामिल है.

योजना को लॉन्चिंग के लिए मंच पर एक आदिवासी महिला को चप्पल दिया गया था. महिला का नाम रत्ना बाई था. खुद पीएम मोदी ने पीएम मोदी ने खुद अपने हाथों से उस आदिवासी महिला को चप्पल पहनाया. इसे देखकर हर कोई दंग रह गया था.

अब रत्नी बाई ने चरण पादुका को एक बड़ी बात कही है. रत्नी बाई ने कहा कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री से अपने मन की बात कहने का मौका मिलता तो वह गैस सिलेंडर की मांग करती, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला. उन्होंने कहा कि उन्हें चरण पादुका से ज्यादा गैस सिलेंडर की जरूरत है.

 

रत्नी बाई ने कहा, "मुझे चप्पल से ज्यादा गैस सिलेंडर की जरूरत है. इस उम्र में दूर जंगलों से लकड़ी लाने में दिक्कत होती है. मुझे मौका नहीं मिला, वरना प्रधानमंत्री से अपने मन की बात जरूर कहती." दरअसल रत्नी बाई के नंगे पांवों में भले ही चप्पल आ गई हो, लेकिन चूल्हा जलाने के लिए उसे आज भी कई किलोमीटर जंगल में ही भटकना पड़ता है.

 

रत्नी बाई का कहना है कि उसका परिवार तेंदूपत्ता बीनने का काम करता है और उसे ही बेचकर दो वक्त की रोटी का बंदोबस्त हो पाता है. जब तेंदूपत्तों का सीजन नहीं होता तो खेतों में मजदूरी कर परिवार अपना पेट भरता है. घर पर खाना पकाने के लिए लकड़ी लेने वह जंगलों में जाती है. सिर पर लकड़ी लादकर लाती है. ऐसे में खाना पकाने में काफी परेशानी होती है. अगर उसे भी अन्य लोगों की तरह गैस सिलेंडर मिल जाता तो अच्छा होता.

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बता दें कि उज्ज्वला योजना के तहत बड़े पैमाने पर महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन मुहैया कराए जा रहे हैं. यूपी चुनाव से पहले पूरे राज्य में खूब गैस कनेक्शन बांटे गए थे जिसके बाद यूपी की जनता ने भाजपा को खूब वोट किया था.

First published: 24 April 2018, 9:33 IST
 
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