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पीएम मोदी का 'NaMoApp' आपसे लेता है आपकी 22 निजी जानकारियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 March 2018, 12:34 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए बनाया गया 'नमो ऐप' एक विवादों में आ गया है. एक साइबर एक्सपर्ट ने दावा किया था कि इस एप से यूजर्स का निजी डाटा उनकी मर्जी के बगैर बाहर भेजा जा रहा है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार नमो ऐप अपने यूजर्स से उनकी 22 निजी जानकारियां प्राप्त करता है. इन जानकारियों में उनकी फोटो और संपर्क सूत्र, माइक्रोफोन और कैमरा और लोकेशन से सम्बंधित जानकारी होती हैं.

तुलनात्मक विश्लेषण से पता चलता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ऐप, पीएमओ इंडिया ऐप, उपयोगकर्ताओं इसके 14 डाटा पॉइंट्स पूछता है. जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी का नागरिक-सहभागिता एप्लिकेशन, माईगोव ऐप, एक्सेस पाने के लिए नौ डाटा पॉइंट्स मांगता है.

इसी तरह कमर्शियल एप की बात करें तो अमेज़ॅन इंडिया ऐप अपने यूजर्स से 17 जानकारियां मांगता है. इसी तरह पेटीएम को आपकी 26 डेटा पॉइंट्स जरूरत है. दिल्ली पुलिस के एप में यह आंकड़ा 25 का है. नमो ऐप यूजर्स बीजेपी सरकार की उपलब्धियों के बारे में आपको अपडेट करता है, और प्रधानमंत्री के 'मन की बात' के ऑडियो तक पहुंच प्रदान करता है.

एक अन्य रिपोर्ट की मानें तो नमो ऐप पर सोशल मीडिया पर हंगामा मचने के बाद इनकी प्राइवेसी में बदलाव किया है. यूजर्स के डेटा को थर्ड पार्टी से शेयर किए जाने के खुलासे के बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर ट्विटर के जरिए कटाक्ष किया था.

इससे पहले एक फ्रांसीसी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इलियट एल्डरसन ने दावा किया गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एंड्रॉइड एप्लिकेशन इसके यूजर्स की निजी जानकारी उनकी सहमति के बिना थर्ड पार्टी कंपनी को उपलब्ध करवा रहा है.

इलियट एल्डरसन ने कई ट्वीट करते हुए लिखा कि जब कोई यूजर नरेंद्र मोदी ऐप पर प्रोफाइल बनाता है, तब उसकी डिवाइस की जानकारी के साथ उसकी निजी जानकारी एक थर्ड पार्टी डोमेन in.wzrkt.com के साथ शेयर की जाती है, जो कि एक अमेरिकी कंपनी क्लेवर टैप से संबद्ध है.

First published: 26 March 2018, 11:38 IST
 
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