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केवड़िया से सरदार पटेल को PM मोदी की श्रद्धांजलि, कहा- कुछ लोग पुलवामा हमले में राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 October 2020, 10:52 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के अग्रदूत लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जन्म-जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस दौरान पीएम मोदी ने गुजरात के केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवड़िया में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में भी हिस्सा लिया.

 

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा ''सरदार पटेल ने देश की सैकड़ों रियासतों को, राजे-रजवाड़ों को एक करके, देश की विविधता को आज़ाद भारत की शक्ति बनाकर सरदार पटेल ने हिंदुस्तान को वर्तमान स्वरूप दिया''. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा ''कोरोना महामारी अचानक आई, इसने पूरे विश्व में मानव जीवन को प्रभावित किया, हमारी गति को प्रभावित किया है. लेकिन इस महामारी के सामने 130 करोड़ देशवासियों ने जिस तरह अपने सामूहिक सामर्थ्य को साबित किया है वो अभूतपूर्व है.''


पीएम मोदी ने कहा ''आज भारत की भूमि पर नज़र गड़ाने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने की ताकत हमारे वीर जवानों के हाथ में है. आज का भारत सीमाओं पर सैकड़ों किलोमीटर लंबी सड़कें बना रहा है, दर्जनों ब्रिज, अनेक सुरंगें बना रहा है. अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए आज का भारत पूरी तरह तैयार है.'' पीएम ने कहा ''बीते कुछ समय से दुनिया के अनेक देशों में जो हालात बने हैं, जिस तरह कुछ लोग आतंकवाद के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं, वो आज वैश्विक चिंता का विषय है. आज के माहौल में, दुनिया के सभी देशों, सभी सरकारों, सभी पंथों को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बहुत ज़्यादा जरूरत है.

उन्होंने कहा ''देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था, तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे, वो पुलवामा हमले में भी अपना राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे. देश भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कहीं गईं, कैसे-कैसे बयान दिए गए.''पीएम ने कहा ''देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी. पिछले दिनों पड़ोसी देश से जो ख़बरें आई हैं जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया है''.

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First published: 31 October 2020, 10:24 IST
 
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